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कोयला घोटाला: झारखंड के पूर्व सीएम मधु कोड़ा को 3 साल की सजा पर नहीं गए जेल

कैच ब्यूरो | Updated on: 16 December 2017, 14:36 IST

कोयला घोटाले में दिल्ली की विशेष अदालत ने शनिवार को फ़ैसला सुना दिया है. सीबीआई की विशेष अदालत ने कोयला घोटाले में झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा को 3 साल की सजा सुनाई हुई है. कोर्ट ने मधु कोड़ा पर 25 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है.

सीबीआई की विशेष अदालत ने मधु कोड़ा के अलावा पूर्व कोयला सचिव एचसी गुप्ता को भी 3 साल की सजा सुनाई है. कोर्ट ने एचसी गुप्ता पर 1 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है. इन दोनों के अलावा सीबीआई ने झारखंड के पूर्व कोयला सचिव एके बसु और कोड़ा के सहयोगी विजय जोशी को भी 3-3 साल की सजा सुनाई है.

हालांकि कोर्ट ने झारखंड के पूर्व सीएम मधु कोड़ा सहित अन्य आरोपियों को दो महीने की सशर्त ज़मानत दे दी है. इसके बाद इन सभी आरोपियों को 2 महीने के अंदर दिल्ली हाइकोर्ट में सजा के खिलाफ अपील करनी होगी.

वहीं, मधु कोड़ा ने ज़मानत मिलने के बाद कहा, "मुझे उम्मीद है कि मुझे राहत मिलेगी, जो फ़ैसला मेरे ख़िलाफ़ आया है. ये कोर्ट का फ़ैसला है इसलिए मैं इस पर टिप्पणी नहीं करूंगा. लेकिन मेरे पास हाईकोर्ट में अपील करने का विकल्प है."

इन सभी को साल 2007 में झारखंड के एक कोयला खदान के आवंटन में हुई गड़बड़ी के मामले में सजा मिली है. इन सभी पर अपने पद का दुरुपयोग करते हुए कोलकाता की कंपनी विनी आयरन एंड स्टील उद्योग लिमिटेड (विसुल) को गलत तरीके से राजहरा नॉर्थ कोल ब्लॉक आवंटित करने का आरोप है. दिल्ली की स्पेशल सीबीआई कोर्ट ने इन लोगों को सेक्शन-120 बी, 420 और धारा 409 के तहत दोषी करार दिया.

सीबीआई ने कोर्ट में आरोप लगाया था कि झारखंड सरकार और इस्पात मंत्रालय ने विनी आयरन और स्टील उद्योग लिमिटेड (VISUL) को कोयला खंड आवंटन करने की अनुशंसा नहीं दी थी. बल्कि 36वीं स्क्रींनिग कमेटी ने आरोपित कंपनी को खंड आवंटित करने की सिफारिश की थी. इसी आधार पर मधु कोड़ा ने ये कोयला खदान वसुल को दे दी. वसुल पर कोर्ट ने 50 लाख रुपये का जुर्माना ठोका है.

गौरतलब है कि मधु कोड़ा ने साल 2006 में झारखंड का सीएम पद संंभाला था. कोड़ा जब सीएम बने थे तो वो निर्दलीय विधायक थे. सितंबर 2006 में भाजपा की सरकार गिरने के बाद कांग्रेस की अगुवाई वाले यूपीए गठबंधन ने उन्हें मुख्यमंत्री बनाया था. कोड़ा 23 अगस्त 2008 तक इस पद पर रहे. वे देश के तीसरे ऐसे व्यक्ति हैं जो निर्दलीय होने के बावजूद सीएम की कुर्सी तक पहुंचे हैं.

First published: 16 December 2017, 14:36 IST
 
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