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कोबरापोस्ट का खुलासा: DHFL ने किया 31,000 करोड़ का घोटाला, BJP को मिला 20 करोड़ का चंदा

कैच ब्यूरो | Updated on: 29 January 2019, 17:29 IST

न्यूज़ पोर्टल कोबरापोस्ट ने एक बड़ा खुलासा किया है. इसे भारतीय इतिहास में जो सबसे बड़ा वित्तीय घोटाला माना जा रहा है. कोबरापोस्ट के मुताबिक DHFL ने दर्जनों शेल कंपनियों को करोड़ों का लोन दिया. बाद में वही पैसा वापस उन कंपनियों के पास आया जो डीएचएफएल के प्रमोटर्स की थी.

खुलासे में कहा गया है कि कंपनी ने हजारों करोड़ रुपये का हेर-फेर कर दिया. इसके बाद डीएचएफएल के मालिकों ने देश-विदेश में कई बड़ी कंपनियों के शेयर खरीदे. समाचार पोर्टल ने कहा कि 32 भारतीय और विदेशी बैंकों ने डीएचएफएल समूह की कंपनियों को 97,000 करोड़ रुपये उधार दिए, जिसमें कई उधारकर्ता कंपनियों और निदेशक के पते एक ही हैं.

वेबसाइट के मुताबिक पैसा डीएचएफएल के प्रमोटर्स को वापस मिल गया, जिन्होंने इसका इस्तेमाल इंग्लैंड और दुबई, श्रीलंका और मॉरीशस सहित भारत और विदेशी देशों में शेयर और अन्य संपत्ति खरीदने के लिए किया. स्टिंग की घोषणा करने वाले प्रेस कॉन्फ्रेंस में एक पैनल था जिसमें अनिरुद्ध बहल, यशवंत सिन्हा, प्रशांत भूषण, नील टेरेंस, परंजॉय गुहा ठाकुरता और प्रेम शंकर झा शामिल थे.

बीजेपी को मिला 20 करोड़ का चंदा 

कोबरापोस्ट के खुलासे में दावा दिया गया है कि डीएचएफ़एल की फाइनेंस कमेटी के मेजोरिटी मेंबर कपिल वाधवन और धीरज वाधवन की कंपनियां RKW Developers Private Limited, Skill Realtors Private Limited और Darshan Developers Private Limited ने बीजेपी को वित्तीय वर्ष 2014-15 और 2016-17 के बीच कुल 19.5 करोड़ रुपए का चंदा दिया. कोबरापोस्ट के अनुसार चंदा देने में कम्पनीज एक्ट 2013 की धारा 182 के प्रावधानों का पालन नहीं किया गया.  

न्यूज पोर्टल कोबरापोस्ट के खुलासे के बाद दीवान हाउसिंग फाइनेंस कॉरपोरेशन लिमिटेड (डीएचएफएल) के शेयरों में 10 प्रतिशत की गिरावट आयी है. बॉलीवुड के मेगास्टार शाहरुख खान इस समूह के ब्रांड एंबेसडर हैं. कोबरापोस्ट के अनुसार, इस कथित घोटाले का सबसे बड़े शिकार भारतीय बैंक हैं, PNB, AXIS BANK और ICICI पहले ही घोटालों का साया मडरा रहा है.

इन बैंकों पर कुल मिलाकर 96,880 करोड़ रुपये का संचयी दायित्व है. ये ज्यादातर कोटक, आईसीआईसीआई, एचडीएफसी और एक्सिस जैसे सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक हैं. भारतीय स्टेट बैंक द्वारा जारी किए गए ऋण की राशि 11,650 करोड़ रुपये है, जबकि बैंक ऑफ बड़ौदा और बैंक इंडिया प्रत्येक ने 4,000 करोड़ रुपये से अधिक का ऋण दिया है.

First published: 29 January 2019, 17:04 IST
 
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