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कोबरापोस्ट का स्टिंग- प्रिंट, इलैक्ट्रानिक और डिजिटल मीडिया के कई संस्थान पैसे लेकर खबर चलाने को तैयार

कैच ब्यूरो | Updated on: 27 March 2018, 10:47 IST

खोजी वेबसाइट कोबरापोस्ट के स्टिंग ऑपरेशन ने मीडिया संस्थानों में तूफान ला दिया है. कोबरापोस्ट ने स्टिंग ऑपरेशन करके दावा किया कि देश के 17 मीडिया संस्थानों के सीनियर कर्मचारी पैसे लेकर ध्रुवीकरण करने वाली खबरें छापने के लिए राजी हुए है. इन मीडिया संस्थानों में दैनिक जागरण, अमर उजाला, इंडिया टीवी समेत लगभग 17 नाम हैं.

कोबरापोस्ट के मुताबिक, उनके अंडरकवर पत्रकार ने ऐसा करने के लिए इन लोगों से मुलाकात की थी. कोबरापोस्ट के स्टिंग वीडियो में साफ नजर आता है कि इन मीडिया संस्थानों के मालिक भुगतान के बाद ध्रुवीकरण की खबरें चलाने को तैयार हैं. कोबरा पोस्ट ने अपने स्टिंग को ऑपरेशन-136 नाम दिया है.

 

कोबरापोस्ट का दावा है कि इसमें उनके जर्नलिस्ट पुष्प शर्मा आचार्य अटल बने हैं. वह जब इन मीडिया संस्थानों के प्रतिनिधियों से मुलाकात करते हैं तो खुद को उज्जैन के एक आश्रम से संबंधित बताते हैं. इसके अलावा कई संस्थानों से वह खुद को श्रीमद भगवद गीता प्रचार समिति का प्रतिनिधि बताते हैं.

वीडियो में साफ दावा किया गया है कि इन मीडिया संस्थानों के प्रतिनिधि 'नरम हिंदुत्व' के एजेंडे को पैसा देकर चलाने के लिए तैयार हो जाते हैं. वीडियो में आचार्य अटल बने पत्रकार मीडिया प्रतिनिधियों से आम चुनाव के पहले ऐसा कंंटेंट चलाने की बात कहते हैं जिसमें राहुल गांधी, मायावती, अखिलेश यादव जैसे विपक्षी नेता तथा भाजपा के कई नेता जैसे मेनका गांधी, वरुण गांधी, जयंत सिन्हा, मनोज सिन्हा आदि लोगों के खिलाफ बाते हों जिसे लेकर मीडिया संस्थान पैसा लेकर कंटेंट चलाने को रजामंद हो जाते हैं.

हालांकि कोबरापोस्ट के इन दावों को ज्यादातर मीडिया संस्थानों ने खारिज कर दिया. दैनिक जागरण के प्रमुख संजय गुप्त ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि बिहार, झारखंड और ओडिशा के लिए उनके एरिया मैनेजर संजय प्रताप सिंह जैसे दावे करते हैं वैसे अधिकार उनके पास हैं ही नहीं. उन्होंने कहा कि मुझे वीडियो की विश्वसनीयता पर ही भरोसा नहीं है.

वहीं इंडिया टीवी के प्रेसिडेंट सुदीप्तों चौधरी ने कहा कि वीडियो से छेड़छाड़ की गई है. उन्होंने कहा कि अंडरकवर पत्रकार ने जो प्रस्ताव दिया उसे आगे फॉरवर्ड नहीं किया गया और न ही इस पर कोई चर्चा की गई.

First published: 27 March 2018, 10:27 IST
 
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