Home » इंडिया » Collector blames police for the Kollam temple fireworks tragedy
 

कोल्लम मंदिर हादसे में पुलिस की जवाबदेही कौन तय करेगा?

पी वेणुगोपाल | Updated on: 12 April 2016, 8:01 IST
QUICK PILL
  • कोल्लम की जिला कलेक्टर ए शैनमोल ने मंदिर हादसे के लिए पुलिस को जिम्मेदार ठहराया है. रविवार को कोल्लम जिले के पुत्तिंगल मंदिर में आतिशबाजी की वजह से लगी आग में अब तक 110 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है.
  • जिला कलेक्टर ने कहा कि पुलिस की रिपोर्ट के आधार पर ही एडीएम ने मंदिर प्रशासन को आतिशबाजी की मंजूरी दिए जान से मना कर दिया था. लेकिन बाद में पुलिस ने दूसरी रिपोर्ट में अपने पहले रुख से पलट गई.

कोल्लम की जिला कलेक्टर ए शैनमोल ने मंदिर हादसे के लिए पुलिस को जिम्मेदार ठहराया है. रविवार को कोल्लम जिले के पुत्तिंगल मंदिर में आतिशबाजी की वजह से लगी आग में अब तक 100 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है.

सोमवार को टीवी चैनल से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि एडिशनल डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट ने साफ तौर पर मंदिर प्रशासन को आतिशबाजी करने की मंजूरी देने से मना कर दिया था. उन्होंने कहा, 'आतिशबाजी करने या नहीं करने की अनुमति देने का अधिकार एडीएम के हाथों में होता है.'

शैनमोल ने कहा कि एडीएम ने मंदिर प्रशासन के आवेदन पर विचार करने के दौरान तहसीलदार और पुलिस से रिपोर्ट मंगाई थी.

पुत्तिगल मंदिर में आतिशबाजी मुकाबले का एक पुराना वीडियो

उन्होंने कहा, 'दोनों ही अधिकारियों ने 6 अप्रैल को अपनी रिपोर्ट में जगह की कमी का हवाला देते हुए मंदिर प्रशासन को आतिशबाजी करने की अनुमति नहीं दिए जाने की सिफारिश की थी. उन्होंने यह भी कहा था कि सब कुछ प्रतिस्पर्धा के तहत किया जाना है. त्योहार के लिए दिए गए पहले नोटिस में इस प्रतिस्पर्धा का भी जिक्र किया गया था.'

इसके साथ ही आस-पास के लोगों ने मंदिर में इस तरह के कार्यक्रम के खिलाफ शिकायत की थी. उन्होंने कहा था कि पिछले साल की गई आतिशबाजी से उनके घरों को नुकसान हुआ है. जांच में इन सभी शिकायतों को सही पाया गया. इन सभी रिपोर्ट के आधार पर एडीएम ने मंदिर प्रशासन की आतिशबाजी किए जाने की रिपोर्ट को खारिज कर दिया था.

शैनमोल ने कहा कि एडीएम ने 8 अप्रैल को इस आवेदन का निपटारा कर दिया था और इसे जिला पुलिस को भेज दिया गया था ताकि  इस मामले में उचित कार्रवाई की जा सके. उन्होंने कहा कि 9 अप्रैल को जब वह एक आधिकारिक सम्मेलन के लिए राजधानी आई हुई थीं तब उन्हें बताया गया कि दूसरी रिपोर्ट में पुलिस ने आतिशबाजी किए जाने को लेकर नरमी बरती है. यह पूरी तरह से 6 अप्रैल के पुलिस के रवैये के खिलाफ था.

शैनमोल ने कहा कि वह इस मामले में जिला पुलिस प्रमुख से रिपोेर्ट मांगेंगी. उन्होंने कहा कि वह पुलिस से पूछेंगी कि आखिरी बार उन्होंने किस आधार पर अपने पहले रुख में बदलाव किया. वहीं पुलिस अधिकारी ने जिला कलेक्टर के बयान पर टिप्पणी देने से मना कर दिया है. 

पुलिस ने कहा कि इस मामले की न्यायिक जांच की जा रही है. आतिशबाजी को मंजूरी दिए जाने के मामले में राजनीतिक दबाव के बारे में पूछे जाने पर कलेक्टर ने कहा, 'ऐसा कुछ भी नहीं था. ऐसे मामलों में एक दो लोग कुछ कहते हैं लेकिन उसे राजनीतिक दबाव नहीं कहा जा सकता.'

First published: 12 April 2016, 8:01 IST
 
पिछली कहानी
अगली कहानी