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बंगाल के चार जिलों में सांप्रदायिक तनाव, हिंदू-मुस्लिम परिवारों का पलायन

कैच ब्यूरो | Updated on: 17 October 2016, 11:34 IST
(कैच)

पश्चिम बंगाल के चार जिलों में सांप्रदायिक तनाव के हालात हैं. उत्तर चौबीस परगना के हाजीनगर, मालदा के चंचल सबडिवीजन, हुगली के चंदननगर और पश्चिमी मेदिनीपुर के खड़गपुर सिटी में दो गुटों के बीच झड़प की खबर है.

पिछले तीन दिन के दौरान दो और इलाकों में संघर्ष के मामले सामने आए हैं. कई जगहों पर प्रशासन की तरफ से धारा 144 लगाई गई है. पश्चिम बंगाल में 12 अक्टूबर को सांप्रदायिक झड़पों की शुरुआत हुई.

मालदा में पुलिस स्टेशन पर हमला

इस दौरान उत्तर 24 परगना जिले के हाजीनगर और हलीशहर में 30 घरों और दुकानों में आगजनी हुई. जहां एक ओर प्रशासन का दावा है कि हालात काबू में हैं, वहीं हिंसा प्रभावित इलाकों से हिंदू और मुस्लिम दोनों परिवारों के पलायन की घटनाएं भी सामने आ रही हैं. 

शनिवार को हुई गिरफ्तारियों के बाद मालदा के चंचल इलाके में रविवार को हिंसक भीड़ ने एक पुलिस स्टेशन को निशाना बनाया. इस दौरान कई निजी गाड़ियों को आग के हवाले करते हुए दुकानों को लूट लिया. भीड़ पर काबू पाने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा. इस दौरान आधा दर्जन प्रदर्शनकारियों को चोटें आई हैं.

12 अक्टूबर को मुहर्रम जुलूस के बाद हिंसा

चंचल के कांग्रेस विधायक आसिफ महबूब का कहना है, "गिरफ्तार लोगों की जमानत के लिए उनके परिजन सुबह करीब साढ़े 11 बजे चंचल पुलिस स्टेशन के पास इकट्ठा हुए. दो घंटे से ज्यादा वक्त तक इंतजार करने के बाद उनका धैर्य जवाब दे गया. जब लोग पुलिस स्टेशन के अंदर घुसने लगे तो रैपिड एक्शन फोर्स ने लाठीचार्ज किया."  

झड़पों की शुरुआत 12 अक्टूबर को मुहर्रम के जुलूस के दौरान बम फेंकने के बाद हुई. हालांकि इस हमले में कोई घायल नहीं हुआ था. इसी के बाद कुछ हिंदुओं के घर पर भीड़ ने हमला कर दिया. दूसरे समुदाय के द्वारा इसे कथित तौर पर बदला लेना बताया गया.

हाजीनगर के नैहाटी जूट मिल एरिया जहां जामा मस्जिद है उसके पास ही नेलसन रोड पर हिंदू और मुस्लिम परिवार रहते हैं. बुधवार से शुरू हुई हिंसा की आंच गुरुवार को पैटरसन रोड तक जा पहुंची, जहां हिंदू बाहुल्य इलाके में हाजीनगर छोटी मस्जिद के आसपास मुस्लिम कॉलोनी है. 

इलाके के लोगों के मुताबिक हाजीनगर में पिछले कई महीनों से तनाव है. यहां जामा मस्जिद के पास पहले भी दुर्गा प्रतिमा के विसर्जन के दौरान विवाद हो चुका है.

पलायन का दौर तेज

बताया जा रहा है कि तनाव को चार दिन बीत चुके हैं और अब तेजी से पलायन का दौर चल रहा है. मुस्लिम बाहुल्य इलाकों से हिंदू परिवारों के घर खाली हो गए हैं. जबकि हिंदुओं की बहुतायत आबादी वाले इलाके से मुस्लिम घर खाली हो गए हैं.

इलाके में ज्यादातर दुकानें बंद हैं. जिससे लोगों को दैनिक उपयोग की वस्तुओं के लिए खासी परेशानी उठानी पड़ रही है.

उत्तर 24 परगना सबसे ज्यादा प्रभावित

12 अक्टूबर को दुर्गा प्रतिमा विसर्जन और ताजिया निकाले जाने को लेकर हुए विवाद के बाद हावड़ा, हुगली, उत्तर 24 परगना, ब‌र्द्धमान, मालदा, पूर्व और पश्चिम मेदिनीपुर के अलावा मुर्शिदाबाद जिले के कई इलाकों में हिंसा भड़क गई थी.

सबसे ज्यादा उत्तर 24 परगना के हाजीनगर में हिंसा की घटनाएं सामने आई थीं. इस दौरान दुकानों और मकानों को उपद्रवियों ने निशाना बनाया. इसके अलावा एक शख्स को मौत के घाट उतार दिया गया. वहीं शनिवार को उग्र भीड़ पर पुलिस फायरिंग में दो महिलाएं गंभीर रूप से घायल हो गईं.

अब्दुल मन्नान और लेफ्ट विधायक दल के नेता सुजान चक्रबर्ती की अगुवाई वाले विपक्षी दलों के नेताओं को  पुलिस ने रविवार को हाजीनगर में घुसने से रोक दिया. अंग्रेजी अखबार द हिंदू को चक्रबर्ती ने बताया, "झड़प के बाद इलाके के कम से कम दो हजार लोगों ने अपना घर छोड़ दिया है."

कट्टरपंथी हिंदू संगठन पर शक

अंग्रेजी अखबार द हिंदू के मुताबिक एक पुलिस अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि खुद को कट्टर राष्ट्रवादी संगठन बताने वाले हिंदू संहति ने सोशल मीडिया पर कई भड़काऊ संदेश और तस्वीरें पोस्ट कीं, जिसके बाद तनाव और बढ़ गया.

हिंदू संहति के अध्यक्ष तपन घोष से जब भड़काऊ संदेशों के बारे में अंग्रेजी अखबार ने पूछा तो उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया के बगैर तृणमूल कांग्रेस और सीपीआई (एम) ने उन्हें काफी पहले हटा दिया था.

सोशल मीडिया संदेशों पर घोष का कहना है कि उन्होंने केवल अपनी ड्यूटी पूरी की है. खुफिया सूत्रों के मुताबिक इस हिंदूवादी संगठन ने बंगाल में हाल के दिनों में भाजपा से भी ज्यादा अपनी पैठ बढ़ाई है. खासकर उत्तर और दक्षिण 24 परगना में इसका असर बढ़ा है.

First published: 17 October 2016, 11:34 IST
 
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