Home » इंडिया » Compensation up to Rs 8 lakh will be given to victims if accident in government building
 

सरकारी इमारत में हुई दुर्घटना तो पीड़ित को इतने लाख रुपये मिलेगा मुआवजा

कैच ब्यूरो | Updated on: 16 January 2019, 10:13 IST

सरकारी इमारतों में होने वाली दुर्घटनाओं में मारे जाने वाले पीड़ित के परिवार को सरकार मुआवजा देने की नीति बना रही है. इसके तहत पीड़ित के परिवार को 8 लाख रुपये तक का मुआवजा दिया जा सकेगा. इस नीति पर सरकार जल्द ही मुहर लगा सकती है.इसके तहत कर्मचारी से लेकर आम नागरिकों के विकलांग और घायल होने की स्थिति में सरकार द्वारा आर्थिक मदद दी मिलेगी. इस बारे में केंद्र ने राज्य सरकारों से भी समान नीति तैयार करने की सिफारिश की है.

इस मामले में कैबिनेट सचिवालय ने नीति प्रस्ताव पर कानून मंत्रालय से अंतिम राय मांगी है. बता दें कि दिल्ली हाईकोर्ट ने यह नीति बनाने का निर्देश दिया था, जिसे जनवरी अंत तक सरकार को लागू करना है. वहीं विभिन्न केंद्रीय मंत्रालयों ने नीति के मसौदे पर सहमति जताई है.

इस नीति के तहत सरकारी और संविदा पर कार्यरत कर्मचारी के अलावा आम नागरिक को मुआवजा देने का भी प्रावदान होगा. मसौदे के मुताबिक, सरकारी इमारतों में सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों के भवन भी शामिल रहेंगे. बता दें कि अभी सिर्फ बस, रेलवे और हवाई जहाज दुर्घटना के पीड़ित लोगों को ही मुआवजा मिलता है.

हाईकोर्ट ने सेफगार्ड लिमिटेड विरुद्ध कमिश्नर अंडर एंप्लॉय कंपनसेशन मामले में सरकार को नीति बनाने का निर्देश दिया था. इसके बाद तैयार किए गए मसौदे में मृतक आश्रित को 10 लाख रुपये मुआवजा देने पर विचार किया गया, जिसे विभिन्न मंत्रालयों की राय के बाद 8 लाख रुपये किया गया.

इसके तहत बनाई गई नीति में विकलांगता होने पर पीड़ित को पांच लाख रुपये और गंभीर रूप से घायल होने पर एक लाख से दो लाख रुपये तक का मुआवजा दिया जाएगा. बता दें कि इस नीति को तैयार करने का मकसद सरकारी भवनों में काम करने वालों समेत अन्य लोगों को सामाजिक सुरक्षा मुहैया कराना है. इसका सर्वाधिक लाभ उन सरकारी या ठेके पर काम करने वाले कर्मचारियों को मिलेगा, जिनका कार्य जोखिम भरा है.

यही नहीं इस नीति के तहत तैयार किए गए मसौदे में ये बात की कही गई है कि मृतक आश्रित को 25 फीसदी मुआवजा तत्काल दिया जाएगा. जबकि बाकी 75 फीसदी एक साल की निर्धारित अवधि में दिया जाएगा. वहीं पुलिस को तीस दिन के भीतर अपनी रिपोर्ट देनी होगी. वहीं इसके तहत मिलने वाले मुआवजे की रकम नगद नहीं दी जाएगी, बल्कि आश्रित या पीड़ित के बैंक खाते में सीधे भेजी जाएगी.

ये भी पढ़ें- सबरीमाला मंदिर में घुसने वाली पहली महिला को उनकी सास ने डंडे से पीटा, अस्पताल में भर्ती

First published: 16 January 2019, 10:13 IST
 
पिछली कहानी
अगली कहानी