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दिल्ली की असफलताओं से पंजाब में आप को ठिकाने लगाएंगे कांग्रेस और अकाली

राजीव खन्ना | Updated on: 1 March 2016, 21:46 IST
QUICK PILL
  • आम आदमी पार्टी पिछले एक साल के दौरान दिल्ली की उपलब्धियों को पंजाब मे गिना कर मतदाताओं को लुभाने की कोशिशों में लगी हुई है. सत्ता में आने के बाद आम आदमी पार्टी दिल्ली में अपनी सरकार की उपलब्धियों के बारे में लगातार जनता को बताती रही है.
  • दिल्ली कांग्रेस प्रेसिडेंट अजय माकन ने पंजाब के लोगों को केजरीवाल के  खोखले वादे से दूर रहने की सलाह दी. उन्होंने कहा कि आप की सरकार दिल्ली में कांग्रेस की पिछली सरकार के किए गए काम को अपनी उपलब्धि के तौर पर गिना रही है.

पंजाब में आम आदमी पार्टी (आप) को किनारे करने के लिए कांग्रेस और शिरोमणि अकाली दल (अकाली दल) दिल्ली के राजनीतिक मुद्दों को उछालने की योजना बना रही है.

पंजाब की सियासत में अभी तक कांग्रेस और अकाली दल का दबदबा रहा है. हालांकि पिछले आम चुनाव में लोकसभा की चार सीटें जीतकर आप ने दोनों दलों की राह मुश्किल कर दी है. आने वाले विधानसभा चुनाव के मद्देनजर आप मजबूत और गंभीर दावेदार बनकर उभरी है.

आम आदमी पार्टी पिछले एक साल के दौरान दिल्ली की उपलब्धियों को पंजाब मे गिना कर मतदाताओं को लुभाने की कोशिशों में लगी हुई है. सत्ता में आने के बाद आम आदमी पार्टी दिल्ली में अपनी सरकार की उपलब्धियों के बारे में लगातार जनता को बताती रही है.

विश्लेषकों का कहना है कि कांग्रेस और अकाली दल के लिए पंजाब विधानसभा चुनाव के दौरान दिल्ली के मुद्दे को उछालना ज्यादा आसान है. उन्होंने कहा कि पंजाब में आप पहली बार चुनाव लड़ रही है और ऐसे में पार्टी को निशाना बनाने के लिए दोनों दलों के पास विशेष कुछ नहीं है.

आप एक साल से दिल्ली की उपलब्धियों को पंजाब मे गिना कर मतदाताओं को लुभाने की कोशिशों में लगी हुई है

चार सांसदों में दो को पार्टी विरोधी गतिविधियों की वजह से निलंबित किया जा चुका है. दूसरी तरफ अकाली दल को जबर्दस्त सत्ता विरोधी लहर का सामना करना पड़ रहा है. इसके अलावा आप की वजह से कांग्रेस को भी खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. 

पंजाब में दिल्ली बनेगा मुद्दा

केजरीवाल के पांच दिनों की यात्रा के असर को कम करने के लिए कांग्रेस ने अपने वरिष्ठ नेताओं को जमीन पर उतारा है ताकि वह लोगों के बीच दिल्ली में आप सरकार की विफलताओं को उनके बीच रख सके. 

दिल्ली कांग्रेस प्रेसिडेंट अजय माकन ने पंजाब के लोगों को केजरीवाल के  खोखले वादे से दूर रहने की सलाह दी. उन्होंने कहा कि आप की सरकार ने पिछली सरकार के किए गए काम का श्रेय लिया.

वहीं दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने भी माकन का समर्थन करते हुए कहा, 'दिल्ली के लोग केजरीवाल को मुख्यमंत्री बनाए जाने को लेकर अफसोस जाहिर कर रहे हैं. सरकार ने एक भी काम नहीं किया है और वह कांग्रेस की पिछली सरकार का श्रेय लेने की कोशिश कर कर रही है जिसे हमने चलाया.'

केजरीवाल के आम आदमी के प्रतिनिधि होने के दावे की पोल खोलते हुए दीक्षित ने कहा कि दिल्ली में हर तरफ बेरोजगारी है और जो सफाई कर्मचारी काम कर रहे हैं उन्हें वेतन नहीं मिल रहा. केजरीवाल ने अपने विधायकों के वेतन में 400 फीसदी की बढ़ोतरी की जो कि ऐतिहासिक है.

केजरीवाल की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए दीक्षित ने कहा कि वह हमेशा अपनी जिम्मेदारियों से भाग जाते हैं

केजरीवाल की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए दीक्षित ने कहा कि वह अक्सर अपनी जिम्मेदारियों से भाग जाते हैं. दीक्षित ने कहा, 'मैंने भी तमाम बंदिशों में रहते हुए काम किया था और मैंने दिल्ली को विश्व स्तरीय शहर बनाने में कभी किसी तरह की शिकायत नहीं की.' दीक्षित ने कहा कि केजरीवाल अक्सर दिल्ली पुलिस और उप-राज्यपाल को जिम्मेदार ठहराते रहते हैं.

इससे पहले अकाली नेता मंजीत सिंह जीके भी दिल्ली की आप सरकार को अक्षम बता चुके हैं. जीके दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रेसिडेंट हैं. उन्होंने कहा कि केजरीवाल ने दिल्ली में सिखों के लिए कुछ भी नहीं किया है. उन्होंने केजरीवाल की तरफ से सिख दंगों की जांच के लिए बनाई गई एसआईटी को भी छलावा करार दिया.

अकाली का हमला

पंजाब के उपमुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल ने भी केजरीवाल की पंजाब यात्रा को नौटंकी करार दिया. उन्होंने कहा कि केजरीवाल ने जनता के 532 करोड़ रुपये पार्टी के विज्ञापनों पर खर्च कर दिए. उन्होंने केजरीवाल पर दिल्ली की जनता को गुमराह करने का आरोप लगाया. 

अकाली केजरीवाल को पंजाब की राजनीति में बाहरी बताने की कोशिशों में जुटे हुए हैं ताकि जनता के बीच यह संदेश दिया जा सके कि केजरीवाल को पंजाब की राजनीति के बारे में कुछ भी पता नहीं है.

केजरीवाल पंजाब की पांच दिनों की यात्रा के दौरान उन मुद्दों को समझने की कोशिश कर रहे हैं जिसे चुनाव तय होगा. वह लगातार खुदकुशी कर चुके किसानों के परिवार से मुलाकात कर रहे हैं. उन्होंने ड्रग्स का मसला भी उठाया है. इसके अलावा वह राज्य में कानून और व्यवस्था की खराब स्थिति, नशे की बढ़ती लत, महिलाओं की सुरक्षा और औद्योगिक विकास का मसला भी उठा रहे हैं.

पंजाब में आम आदमी पार्टी के प्रमुख सुचा सिंह छोत्तेपुर ने कहा, 'लोग आम आदमी पार्टी के पक्ष में मन बना चुके हैं.' 

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First published: 1 March 2016, 21:46 IST
 
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