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कांग्रेस का नया दांव, सरकार बनी तो उत्तर प्रदेश में अति पिछड़े वर्ग को अलग आरक्षण

चारू कार्तिकेय | Updated on: 11 February 2017, 5:46 IST
(आर्या शर्मा/कैच न्यूज़)
QUICK PILL
  • कांग्रेस ने सबसे अति पिछड़ा वर्ग को आरक्षण की घोषणा करके नए मतदाता वर्ग को रिझाने की कोशिश कर रही है.
  • यह एक नया और महत्वपूर्ण वोट बैंक ढूंढडने की कोशिश कांग्रेस कर रही है जिसका उत्तर प्रदेश में उसे शायद फायदा मिले.

कांग्रेस ने उत्तर प्रदेश में एक नया दांव खेल दिया है और एक नए मतदाता वर्ग को हिट किया है. पार्टी ने घोषणा की है कि अगर वह विधानसभा चुनाव जीत कर सत्ता में आती है तो राज्य में अति पिछड़े वर्ग (एमबीसी) को आरक्षण देगी. 

कांग्रेस महासचिव व प्रभारी गुलाम नबी आजाद ने बताया यह आरक्षण अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के 27 प्रतिशत आरक्षण की सीमा के दायरे में ही होगा. 

आजाद और यूपी कांग्रेस प्रमुख राजबब्बर ने संवाददाताओं को बताया पिछड़ा वर्ग के नेता पार्टी उपाध्यक्ष राहुल गांधी से मिले थे. गांधी जब हाल ही अपनी चुनावी यात्रा पर उत्तर प्रदेश आए थे तो इन नेताओं ने उनसे मुलाकात कर कहा था कि राज्य में ओबीसी कोटा में मिल रहे 27 प्रतिशत आरक्षण का लाभ केवल कुछ ही वर्गों को मिल रहा है. 

कांग्रेस शासित राज्यों की व्यवस्था

न्होंने मांग की थी कि उनके लिए ओबीसी में ही एक उप श्रेणी एमबीसी की बना दी जाए. आजाद ने कहा, उस वक्त गांधी ने उनसे एसा कोई वादा नहीं किया क्योंकि वे देखना चाहते थे कि क्या ज्यादा लोग यही चाहते हैं. हाल ही में शनिवार को सैंक़ड़ों लोगों ने राहुल गांधी से मिलकर उनके सामने यही मांग रखी. 

इसे देखते हुए ही उन्होंने तय किया कि इसकी घोषणा की जाए और इसे चुनाव घोषणा पत्र में भी शामिल कर लिया. पार्टी में ही एक वरिष्ठ उपाध्यक्ष राजाराम पाल ने एक प्रतिनिधिमंडल की अगुवाई कर राहुल गांधी से मुलाकात की और उनके समक्ष यह मांग रखी.

आजाद ने बताया गांधी ने उनसे मिलने आए नेताओं से कहा, कर्नाटक, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश में कांग्रेस सरकार और कुछ अन्य राज्य सरकारों ने भी आरक्षण कोटे के भीतर आरक्षण के नियम बनाए हैं. आजाद ने बताया अब तक दस राज्यों में ऐसा विधान है.

आम मुद्दों से हटकर

कांग्रेस का यह कदम काफी हट कर है. पार्टी ने पहली बार यह नया मोर्चा खोला है. यह और सब मुद्दों से हट कर है जो आजकल चुनावों में चल रहे हैं. फिलहाल सर्जिकल स्ट्राइक, दलित कल्याण, ब्राह्मण तुष्टिकरण और कानून-व्यवस्था ही मुख्य चुनावी मुद्दे हैं. 

कांग्रेस ने यह घोषणा करके उस मतदाता वर्ग को निशाने पर लिया है जिस पर अभी तक किसी और राजनीतिक दल का ध्यान नहीं गया. कांग्रेस ने उत्तर प्रदेश में एमबीसी के रूप में एक बिल्कुल नया महत्वपूर्ण वोट बैंक ढूंढ लिया है. अगर इससे एमबीसी वोट बढ़ते हैं तो इसका पहला फायदा कांग्रेस को ही होगा.

First published: 18 October 2016, 5:21 IST
 
चारू कार्तिकेय @charukeya

असिस्टेंट एडिटर, कैच न्यूज़, राजनीतिक पत्रकारिता में एक दशक लंबा अनुभव. इस दौरान छह साल तक लोकसभा टीवी के लिए संसद और सांसदों को कवर किया. दूरदर्शन में तीन साल तक बतौर एंकर काम किया.

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