Home » इंडिया » Congress demands inquiry into allegations that BS Yeddyurappa paid Rs 1,500 crore to top BJP leaders
 

रिपोर्ट का दावा- येदियुरप्पा ने भाजपा के केंद्रीय नेताओं को दिए 1000 करोड़, कांग्रेस ने की जांच की मांग

कैच ब्यूरो | Updated on: 22 March 2019, 17:42 IST

कांग्रेस ने शुक्रवार को एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए लोकपाल जांच की मांग की है, जिसमें दावा किया गया था कि कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री और बीजेपी के बड़े नेता बीएस येदियुरप्पा ने कथित रूप से भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेताओं, न्यायाधीशों और वकीलों को 1,800 करोड़ रुपये का भुगतान किया. पत्रिका द कारवां ने दावा किया है कि आयकर विभाग के पास 2017 से ही ये डायरी उपलब्ध है.

दावा किया गया है कि दस्तावेजों में कन्नड़ में येदियुरप्पा की लिखावट में डायरी प्रविष्टियों की प्रतियां शामिल हैं. प्रविष्टियां 2009 की डायरी में की गई थीं, लेकिन यह स्पष्ट नहीं है कि भुगतान वास्तव में कब किए गए थे. द कारवां के अनुसार पृष्ठों की प्रत्येक प्रति येदियुरप्पा के हस्ताक्षर की है. येदियुरप्पा 2008 से 2011 तक कर्नाटक के मुख्यमंत्री थे.

द कारवां की रिपोर्ट प्रकाशित होने के बाद एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला से पूछा “अगर इस डायरी में कोई सच्चाई नहीं है, तो नरेंद्र मोदी जांच के लिए तैयार क्यों नहीं हैं? अब तो लोकपाल की भी नियुक्ति हो गई है. इस मुद्दे पर स्वतंत्र जांच क्यों नहीं हो सकती है? ”

जवाब में येदियुरप्पा ने कहा कि कांग्रेस द्वारा उनके खिलाफ लगाए गए आरोप झूठे और निराधार है और वह कांग्रेस पार्टी के नेताओं के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर करेंगे. उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस ने राजनीतिक लाभ हासिल करने के लिए मीडिया रिपोर्ट प्लांट करवाई है. येदियुरप्पा ने दावा किया कि कांग्रेस ने जिन दस्तावेजों का हवाला दिया था, वे जाली हैं और आयकर विभाग के अधिकारियों ने पहले ही साबित कर दिया था.

कारवां के अनुसार कथित डायरी प्रविष्टियों में कहा गया है कि येदियुरप्पा ने पार्टी की केंद्रीय समिति को 1,000 करोड़ रुपये दिए , जिनमें अरुण जेटली और नितिन गडकरी ने 150 करोड़ रुपये दिए गए. जबकि राजनाथ सिंह को 100 करोड़ रुपये और लालकृष्ण आडवाणी और मुरली मनोहर जोशी को 50 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया.

डायरी प्रविष्टियों में दिखाया गया है कि येदियुरप्पा ने गडकरी के बेटे की शादी के लिए 10 करोड़ रुपये, न्यायाधीशों को 250 करोड़ रुपये और अधिवक्ताओं (मामलों के लिए भुगतान किया गया शुल्क) के लिए 50 करोड़ रुपये का भुगतान किया. कारवां की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि एक वरिष्ठ आयकर अधिकारी ने वित्त मंत्री अरुण जेटली को आगे की जांच की संभावना के बारे में लिखा था.

First published: 22 March 2019, 17:37 IST
 
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