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बज़ट सत्र में राजनाथ सिंह होंगे कांग्रेसी तीरों के निशाने पर

चारू कार्तिकेय | Updated on: 23 February 2016, 14:42 IST

भारत के गृृृहमंत्री राजनाथ सिंह संसद के मौजूदा सत्र में विपक्ष के निशाने पर रहेंगे. कांग्रेस ने कहा है कि वो राजनाथ को निशाने पर लेगी और सत्ता पक्ष पर जोरदार हमला करेगी.

कांग्रेस तीन प्रमुख मुद्दों पर बीजेपी को घेरने की तैयारी कर रही है.

गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने जेएनयू कैंपस में पुलिस कार्रवाई के बचाव के लिए लश्कर-ए-तैयबा के प्रमुख हाफिज सईद के फर्जी ट्वीट का हवाला दिया. इसे कांग्रेस अपनी आलोचना के केंद्र में रखेगी.

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14 फरवरी को राजनाथ ने दावा किया था कि जेएनूय में अफजल गुरु के समर्थन में हुए कार्यक्रम को हाफिज सईद का समर्थन था.

उन्होंन अपने बयान के समर्थन में सईद के एक कथित ट्वीट का जिक्र किया जिसमें पाकिस्तानियों को जेएनयू के लोगों का समर्थन करने के लिए कहा गया था. बाद में यह सामने आया कि जिस ट्वीटर हैंडल से कथित ट्वीट किया गया था वह जाली था. इससे राजनाथ सिंह की और किरकिरी हुई.

सईद वाले बयान से तीन दिन पहले राजनाथ ने पाकिस्तानी-अमेरिकी आतंकवादी डेविड हेडली के मुंबई की अदालत में दिए बयान के बाद इस बात पर जोर दिया था कि कथित मुठभेड़ में मारी गई इशरत जहां लश्कर-ए-तैयबा के लिए काम करती थी.

उन्होंने ये भी मांग की कांग्रेस प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी से इशरत जहां के मुठभेड़ को फर्जी कहने के लिए माफी मांगे. उस समय मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री थे.

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जनवरी में राजनाथ तब भी विवादों में घिरे थे जब उन्होंने पटानकोट हमले के दौरान ये घोषित कर दिया कि सभी आतंकियों पर काबू पा लिया गया है और ऑपरेशन खत्म हो गया है. जबकि उनके बयान के दो दिन बाद तक मुठभेड़ चलती रही थी.

राजनाथ पर हमला करके कांग्रेस ये संदेश देना चाहती है कि भारत के गृह मंत्रालय को ज्यादा जिम्मेदारी से संभाला जाना चाहिए. इसके बाद कांग्रेस मोदी सरकार को खराब प्रशासन के मुद्दे पर घेरेगी.

राज्यसभा में विपक्ष के नेता गुलाब नबी आजाद ने मीडिया से कहा कि राजनाथ को 'आतंकियों को उद्धृत करने की आदत है.'

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आजाद ने कहा, "उन्हें हेडली पर यकीन है. कल हेडली ने बीजेपी के खिलाफ कुछ कह दिया तो वो क्या करेंगे? उसपर भरोसा करेंगे?"

खबरों के अनुसार कांग्रेस बज़ट सत्र के दौरान सेंसर प्रस्ताव या स्थगन प्रस्ताव भी ला सकती है.

कांग्रेस के इन प्रस्तावों के लिए कारणों की कोई कमी नहीं. तमाम हालिया विवाद पहले से ही इसके लिए ज़मीन तैयार कर चुके हैं. दलित स्कालर रोहित वेमुला, पठानकोट हमला, आतंकी अफजल गुरु की बरसी और जाटों द्वारा की गई हिंसा जैसे मुद्दों के साथ कांग्रेस पहले ही कमर कस चुकी होगी.

First published: 23 February 2016, 14:42 IST
 
चारू कार्तिकेय @CharuKeya

Assistant Editor at Catch, Charu enjoys covering politics and uncovering politicians. Of nine years in journalism, he spent six happily covering Parliament and parliamentarians at Lok Sabha TV and the other three as news anchor at Doordarshan News. A Royal Enfield enthusiast, he dreams of having enough time to roar away towards Ladakh, but for the moment the only miles he's covering are the 20-km stretch between home and work.

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