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राज्यसभा चुनाव मेें कांग्रेस की रणनीति, दुश्मन का दुश्मन दोस्त

आकाश बिष्ट | Updated on: 8 June 2016, 17:42 IST
(गेट्टी)

कांग्रेस ने हरियाणा में आरके आनंद की राज्यसभा उम्मीदवारी के समर्थन का फैसला किया है. आरके आनंद इंडियन नेशनल लोक दल (आईएनएलडी)  के उम्मीदवार हैं. राज्यसभा के लिए 11 जून को चुनाव होने वाले हैं. हरियाणा में कांग्रेस के 17 विधायक हैं.

कुलदीप बिश्नोई और उनकी पत्नी क्रमशः राज्य की आदमपुर और हांसी से विधायक हैं. वो दोनों भी सीनियर एडवोकेट आनंद को वोट देंगे. बिश्नोई की हरियाणा जनहित कांग्रेस का अप्रैल में कांग्रेस में विलय हो गया था.

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आनंद के पास आईएनएलडी के 19 विधायकों और एक अकाली विधायक का समर्थन पहले से ही है. राज्यसभा जाने के लिए उन्हें 31 वोट चाहिए, जबकि उन्हें अब तक कुल 39 विधायकों का समर्थन मिल चुका है.

कांग्रेस के लिए आईएनएलडी के साथ खड़े होना आसान नहीं था. सूत्रों के अनुसार पार्टी के नेता और पूर्व सीएम भूपिंदर सिंह हुड्डा इसके खिलाफ थे. हुड्डा का कहना था कि ओम प्रकाश चौटाला के साथ खड़े होने का उल्टा असर भी हो सकता है.

सुभाष चंद्रा का संकट

बीजेपी ने हरियाणा से मीडिया कारोबारी सुभाष चंद्रा को राज्यसभा उम्मीदवार के तौर पर समर्थन दे रही है. 

अगर कांग्रेस और बिश्नोई दंपति मतदान में शामिल नहीं होते तो विधानसभा की प्रभावी संख्या 71 हो जाएगी. इससे चंद्रा की जीत आसान हो जाती क्योंकि उनसे पास 21 विधायकों का समर्थन है. उन्हें बस एक और विधायक का समर्थन हासिल करना पड़ता.

बीजेपी की पहली प्राथमिकता केंद्रीय मंत्री बीरेंदर सिंह को राज्यसभा भेजना है. बीजेपी के पास राज्य में 47 विधायक हैं. बीरेंदर सिंह को राज्यसभा जाने के लिए 31 विधायकों का वोट चाहिए होगा. बाकी बचे वोट बीजेपी चंद्रा को दिलवा सकती है.

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प्रदेश कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने कहा, "अगर कांग्रेस इत्यादि मतदान में शामिल नहीं होते तो चंद्रा के लिए आसान हो जाता. कांग्रेस केवल बीजेपी को हराने के लिए आईएनएलडी को समर्थन दे रही है. इससे दूसरे राज्यों में कांग्रेस उम्मीदवारों को मुश्किल होगी. साथ ही बीजेपी राज्यसभा में अपनी संख्या बढ़ाने के लिए ज्यादा उग्र रणनीति अपनाएगी."

स्वतंत्र उम्मीदवार की गणित

कांग्रेस यूपी में अपने राज्यसभा उम्मीदवार कपिल सिब्बल की जीत के लिए बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की प्रमुख मायावती की कृपा पर निर्भर है. बसपा मध्य प्रदेश और उत्तराखंड में भी कांग्रेस प्रत्याशी को समर्थन दे रही है.

कांग्रेसी नेता कहते हैं, "बसपा का सिब्बल को समर्थन देना स्वाभाविक है. आखिर, दूसरे राज्यों में भी यही सहमति बनी है. हालांकि हम यूपी को लेकर बहुत आश्वस्त नहीं हैं."

यूपी से स्वतंत्र राज्य सभा उम्मीदवार प्रीति महापात्रा को पीएम नरेंद्र मोदी और अमित शाह का करीबी माना जाता है

यूपी में कांग्रेस के 29 विधायक हैं. सिब्बल को जीत के लिए पांच और विधायकों का वोट चाहिए होगा. पहले समाजवादी पार्टी ने सिब्बल को समर्थन देने का आश्वासन दिया था लेकिन बाद में पार्टी पलट गई. 

सपा ने सात उम्मीदवारों को चुनाव में उतारा है. ऐसे में सातवें उम्मीदवार की जीत के लिए उसे खुद नौ और वोट चाहिए होंगे. इसके बाद कांग्रेस, बसपा को मनाने में जुट गई है.

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बीजेपी ने स्वतंत्र उम्मीदवार प्रीति महापात्रा को समर्थन भी दिया है. प्रीति पीएम नरेंद्र मोदी और बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह के करीबी माने जाने वाले उद्योगपति हरिहर महापात्रा की पत्नी हैं. 

प्रीति की उम्मीदवारी ने सिब्बल के लिए स्थित जटिल बना दी है. जब प्रीति ने अपना नामांकन दाखिल किया तो सपा, बसपा, एनसीपी और अपना दल के विधायकों के बीच उनका नाम प्रस्तावित करने की होड़ लग गई.

एक वरिष्ठ सपा नेता ने कैच से कहा, "उनके (प्रीति) माध्यम से बीजेपी खरीदफरोख्त को बढ़ावा दे रही है ताकि सिब्बल या किसी अन्य पार्टी का उम्मीदवार न जीत पाए. चूंकि हमारी सरकार का कार्यकाल अगले छह महीने में खत्म होने वाला है इसलिए इस बात की आशंका है कि कुछ विधायक किसी तरह के लालच के बदले पार्टी के खिलाफ वोट दे सकते हैं, खास तौर पर वो विधायक जिन्हें आगामी चुनाव में जीतने की उम्मीद नहीं है. मुलायम सिंह यादव भी इस बात को लेकर परेशान हैं."

कर्नाटक में स्टिंग

कर्नाटक एक मात्र बड़ा राज्य है जहां कांग्रेस सत्ता में है लेकिन वहां भी पार्टी की स्थिति गड़बड़ नजर आ रही है. राज्य सभा चुनावों से पहले वोटों की खरीदफरोख्त से जुड़े एक कथित स्टिंग वीडियो के सामने आने के बाद विपक्षी दल निर्वाचन आयोग से चुनाव पर रोक लगाने की मांग कर रहे हैं. 

वरिष्ठ कांग्रेसी नेता दिग्विजय सिंह ने भारतीय निर्वाचन आयोग से कहा कि कर्नाटक में राज्यसभा चुनाव पर खरीदफरोख्त की आशंका से रोक नहीं लगाई जा सकती. 

बाद में मीडिया से बात करते हुए सिंह ने कहा कि ये मामला 'झारखंड के 2012 के मामले' जैसा नहीं है. उस समय एक सदस्य को भारी धनराशि के साथ पकड़ गया था और चुनाव रद्द कर दिए गए थे. कांग्रेस के लीगल सेल ने भी इस बाबत एक बयान जारी करके चुनाव न रद्‌द किए जाने की मांग की है.

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खबरों के अनुसार स्टिंग वीडियो सामने आने के बाद कांग्रेस ने अपने 14 विधायकों को मुंबई भेज दिया है. कर्नाटक में राज्यसभा की चार सीटें हैं और पांच उम्मीदवार कतार में हैं. 

माना जा रहा है कि कांग्रेसी नेता जयराम रमेश और ऑस्कर फर्नांडिस तथा बीजेपी की निर्मला सीतारमन आसानी से जीत जाएंगे. असली लड़ाई चौथी सीट के लिए है, जिसके लिए सभी दल निर्दलीय विधायकों को मनाने में लगे हैं.

First published: 8 June 2016, 17:42 IST
 
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