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कांग्रेस: संवेदनशील मुद्दों पर मोदी सरकार ने किया सरेंडर

कैच ब्यूरो | Updated on: 10 February 2017, 1:49 IST
(एजेंसी)

मोदी सरकार के दो साल पूरे होने के मौके पर कांग्रेस के प्रवक्ता आरपीएन सिंह ने सरकार को हर मोर्चे पर विफल बताया. सिंह ने कहा कि हमने पिछले दो सालों में देख लिया यह सरकार मात्र जुमलों और वादों की सरकार साबित हुई है, किसान और युवा समेत देश का हर वर्ग इस सरकार से परेशान है.

कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा, "लोकसभा चुनाव में 56 इंच का सीना दिखाने वाले इस सरकार के मुखिया ने पाकिस्तान के सामने घुटने टेक दिए." कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री ने हर साल दो करोड़ युवाओं को रोजगार देने का वादा किया था, लेकिन दो साल में मात्र एक लाख चौंतीस हजार युवाओं को ही रोजगार मिल सका है.

कमाबेश इसी तरह की स्थिति किसानों की भी है. उन्होंने कहा कि किसानों को उनके उत्पादन का पचास फीसदी फायदा देने का वादा किया गया था, लेकिन दुर्भाग्य की बात है कि किसानों को मात्र छह फीसद फायदा ही मिल पा रहा है.

आरपीएन सिंह ने कहा, "किसानों को उत्पादन का पूरा लाभ नहीं मिल पाने के कारण आज देश में हर जगह किसान आत्महत्या कर रहे हैं, पिछले दो साल में तीन हजार किसान आत्महत्या कर चुके हैं, इसमें से 1800 किसान अकेले महाराष्ट्र के थे."

आरपीएन सिंह ने कहा कि देश में सूखे की विकट परिस्थितियों के बावजूद केंद्र सरकार ने किसानों के हित में कुछ नहीं किया. आज किसानों पर 45 हजार करोड़ रुपए का कर्ज है. सूखे की मार से परेशान किसानों को राहत नहीं दी जा रही है. राजस्थान सरकार को सूखे की मार से परेशान किसानों को राहत के नाम पर मांगी गई राशि का मात्र दस फीसद हिस्सा ही दिया है.

कांग्रेस नेता ने कहा कि मोदी सरकार की गलत विदेश नीति के कारण देश को पाकिस्तान के सामने घुटने टेकने को मजबूर होना पड़ा. गलत नीतियों के कारण ही पाकिस्तान और चीन को सही जवाब देने में यह सरकार पूरी तरह से विफल रही है.

आरपीएन ने कहा, "पठानकोट हमले के बाद पाकिस्तान से जांच दल पठानकोट जांच करने आ जाता है, लेकिन भारत के जांच दल को पाकिस्तान जाने की अनुमति नहीं मिली. क्या यही मोदी की विदेश नीति है?"

कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि सरकार मालेगांव मामले में शामिल जेल में बंद आरोपियों को छुड़वाने का काम कर रही है, क्योंकि ऐसा नहीं करते तो इसमें इनके बड़े नेता फंस जाते. इस सरकार के द्वारा देश के लिए शहीद होने वाले पुलिस अधिकारी हेमंत करकरे पर अंगुली उठाई जा रही है. यह बहुत अफसोस की बात है.

पूर्व केंद्रीय मंत्री आरपीएन सिंह ने कहा कि औद्योगिक विकास का दावा करने वाली इस सरकार का ‘मेक इन इंडिया’ का नारा बब्बर शेर की दहाड़ बिल्ली की आवाज से भी कमजोर निकली.

आरपीएन सिंह ने कहा, "कच्चे तेल में भारी गिरावट आने के बावजूद करीब दो हजार करोड़ रुपए का फायदा जानबूझ कर देशवासियों को नहीं दिया गया. यदि कच्चे तेल की दरों के मुताबिक घटी दरों का लाभ जनता को दिया जाता था, तो मौजूदा समय में पेट्रोल की दर 31 रुपए और डीजल की दर 25 रुपए लीटर होती."

First published: 27 May 2016, 11:38 IST
 
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