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अब मणिपुर को ‘कांग्रेस मुक्त’ करने की तैयारी में शाह!

समीर चौगांवकर | Updated on: 1 October 2016, 14:32 IST
QUICK PILL
  • अरुणाचल और असम को कांग्रेस मुक्त करने के बाद अब भाजपा अध्यक्ष शाह ने मणिपुर से कांग्रेस को बेदखल करने की तैयारी शुरू कर दी है. मणिपुर में अगले साल की शुरुआत में विधानसभा चुनाव है और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने यहां अपना अभियान शुरू कर दिया है.
  • असम में भाजपा की जीत और अरूणाचल में कांग्रेस मे बगावत करवाने की पटकथा लिखने वाले असम के मंत्री और पूर्वोत्तर मामलों के समन्वयक हेमंता विश्व शर्मा को मणिपुर मामलें की जिम्मेंदारी सौपी है. पूर्वोत्तर के राज्यों को परंपरागत रूप से कांग्रेस का गढ माना जाता रहा है.

अरुणाचल और असम को कांग्रेस मुक्त करने के बाद अब भाजपा अध्यक्ष शाह ने मणिपुर से कांग्रेस को बेदखल करने की तैयारी शुरू कर दी है. 

मणिपुर में अगले साल की शुरुआत में विधानसभा चुनाव है और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने यहां अपना अभियान शुरू कर दिया है. 

असम में भाजपा की जीत और अरूणाचल में कांग्रेस मे बगावत करवाने की पटकथा लिखने वाले असम के मंत्री और पूर्वोत्तर मामलों के समन्वयक हेमंता विश्व शर्मा को मणिपुर मामलें की जिम्मेंदारी सौपी है. पूर्वोत्तर के राज्यों को परंपरागत रूप से

कांग्रेस का गढ माना जाता रहा है और यहा कांग्रेस का जनाधार भी मजबूत है, लेकिन पहली बार असम में भाजपाई सरकार बनाने और अरूणाचल में कांग्रेस को बेदखल करने के बाद भाजपा को उम्मीद है कि मणिपुर से भी कांग्रेस को बेदखल किया जा सकता है.

हालांकि 2012 के विधानसभा चुनाव में इस राज्य में भाजपा को एक भी सीट नहीं मिली थी, लेकिन पिछले साल हुए उपचुनाव में भाजपा दो सीटें जीती थी. इसके साथ ही इम्फाल नगर निगम के चुनाव में भाजपा ने कुल 27 में 10 सीटें जीत कर अपने इरादे जाहिर कर दिए थे.

मणिपुर की 60 सदस्यीय विधानसभा में फिलहाल कांग्रेस के पास 48 सीटें हैं. कांग्रेस का आरोप है कि भाजपा धनबल के दम पर कांग्रेस की सरकारों को अस्थिर करने का काम कर रही है.  इसके लिए कांग्रेस के नेता अरूणाचल का उदाहरण देते है.

मेती समुदाय पर भाजपा की नजर

मणिपुर की 60 में से 40 विधानसभा सीटों पर मेती समुदाय निर्णायक भूमिका निभाता है और आने वाले विधानसभा चुनाव में मणिपुर में सरकार बनाने के लिए भाजपा इसी समुदाय को अपने पाले में करने में जुटा है.

मणिपुर में संघ के स्वयसेवकों का इस समुदाय के लिए किए गये काम से भाजपा को उम्मीद है कि यह समुदाय भाजपा का साथ देगा.  इसके साथ ही भाजपा मणिपुर में कांग्रेस के केन्द्रीय नेतृत्व से नाराज चल रहे नेताओं पर भी नगर गढा रही है. 

भाजपा सूत्र बताते है कि हेमंत विश्व शर्मा ऐसे कांग्रेस के नेताओं से संपर्क में है और चुनाव के पहले ऐसे नेता भाजपा का दामन थाम सकते है.

प्रकाश जावडेकर 2 को जाएंगे मणिपुर

केन्द्रीय मानव संसाधन मंत्री और मणिपुर के चुनाव प्रभारी बनाए गए प्रकाश जावडेकर 2 अक्टूबर को मणिपुर का दौरा करेंगे. जावडेकर वहा बैठक कर चुनाव तैयारीयों का जायजा लेंगे और पूर्वोत्तर लोकतांत्रिक गठबंधन के साथ चर्चा करेंगे.

असम में सत्ता में आने के तुरंत बाद भाजपा ने नार्थ ईस्ट के आठ राज्यों में अन्य क्षेत्रीय दलों से गठबंधन कर अपना आधार बढाने और कांग्रेस को सत्ता से बाहर करने के लिए नार्थ ईस्ट डेमोक्रेटिक अलांइस बनाया था और असम जितने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले हेमंत विश्व शर्मा को इसके समन्वयक की जिम्मेदारी सौपी थी.

भाजपा के नेतृत्व में बने इस गठबंधंन में नागा पीपुल्स फ्रंट,सिक्किम डेमोक्रेटिक फ्रंट,पीपुल्स पार्टी आॅफ अरूणाचल, असम गण परिषद और बोडोलैड पीपुल्स फ्रंट शामिल है. इस गठबंधंन का मकसद नार्थ ईस्ट राज्यों को कांग्रेस शासन से मुक्त करना है.

First published: 1 October 2016, 14:32 IST
 
समीर चौगांवकर @catchhindi

विशेष संवाददाता, राजस्थान पत्रिका

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