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पंजाब में कांग्रेस का कमलनाथ दांव

राजीव खन्ना | Updated on: 15 June 2016, 7:49 IST

पंजाब चुनाव के लिए आगामी रणनीति तय करते हुए, कांग्रेस पार्टी के उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने ड्रग्स माफ़िया, बिगड़ती कानून व्यवस्था और कृषि क्षेत्र में बढ़ रहे संकट जैसी समस्याओं पर अकाली दल और बीजेपी की गठबंधन सरकार पर हमला बोला.

राज्य में होने वाले विधानसभा चुनाव के मद्देनज़र ये तीनों मुद्दे पार्टी की चुनावी रणनीति में प्राथमिकता पर रहेंगे. जालंधर में पार्टी द्वारा बिगड़ती कानून व्यवस्था के ख़िलाफ़ आयोजित रैली में राहुल गांधी ने हिस्सा लिया. पंजाब में इन मुद्दों के ख़िलाफ़ कांग्रेस पार्टी स्थानीय तौर पर काफ़ी आक्रामक तरीके से प्रदर्शन कर रही है.

राहुल ने केंद्र पर साधा निशाना

केंद्र सरकार और पंजाब सरकार को आड़े हाथों लेते हुए राहुल गांधी ने आरोप लगाया है कि पंजाब में ड्रग्स का व्यापार काफ़ी आसान हो गया है. अकाली दल पर निशाना साधते हुए राहुल ने कहा कि ड्रग्स माफियाओं को पार्टी का संरक्षण प्राप्त है. इसके साथ ही उन्होंने राज्य सरकार पर पंजाब पुलिस को अपना काम ढंग से नहीं करने का भी आरोप लगाया है.

'उड़ता पंजाब' का आप कनेक्शन

पंजाब पुलिस को देश के अच्छे और कामयाब पुलिस फोर्स में से एक मानते हुए राहुल गांधी ने राज्य की बिगड़ती कानून व्यवस्था पर निराशा जताई. 

उन्होंने कहा कि पूरी दुनिया में पंजाब पुलिस ने सबसे उम्दा और प्रभावशाली तरीक़े से आतंकवाद को नियंत्रित किया है. राहुल ने अफ़सोस जताया, कि ईमानदार अफ़सरों को अपना काम ढंग से नहीं करने दिया जा रहा है.

राहुल गांधी ने राज्य की बिगड़ती कानून व्यवस्था पर निराशा जताई

राहुल ने बताया कि चार साल पहले जब मैंने पंजाब में ड्रग्स का मुद्दा उठाया था, उस समय अकाली दल के नेताओं ने मेरा मजाक उड़ाया था. 

उन्होंने कहा कि उड़ता पंजाब फ़िल्म में बदलाव की मांग कर, अकाली दल फ़िल्म की स्क्रीनिंग विफ़ल करवाना चाहती है. राहुल ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि अकाली दल वाले अभी भी हक़ीक़त को स्वीकार नहीं करना चाहते. उन्होंने बताया कि ड्रग्स के मुद्दे पर पंजाब के युवाओं ने उनसे संपर्क किया था. 

कांग्रेस आने पर ड्रग्स समस्या होगी खत्म?

राहुल गांधी ने आश्वासन देते हुए  कहा कि यदि कांग्रेस की सरकार बनी तो एक महीने में ड्रग्स की समस्या खत्म हो जाएगी. राज्य में बढ़ते कृषि संकट के तरफ़ ध्यान केंद्रित करते हुए उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर कांग्रेस पार्टी हमेशा किसानों के साथ खड़ी रही है. उन्होंने ने राज्य के किसानों से सदन में उनके मुद्दों को उठाने का वादा भी किया.

जालंधर में आयोजित इस रैली में पार्टी ने राजनीतिक ताकत और एकता का प्रदर्शन किया. पंजाब में अपनी पैठ बनाने की रणनीति में पार्टी का ये दूसरा सफ़ल प्रयास रहा. पहली रैली का आयोजन, आठ जून को गन्ना किसानों को भुगतान न भरने के विरोध में दीनानगर में किया  गया था. ये रैली  काफ़ी सफ़ल रही थी.

दिल्ली की असफलताओं से पंजाब में आप को ठिकाने लगाएंगे कांग्रेस और अकाली

एक तरफ राहुल गांधी चुनाव  के लिए पार्टी का एजेंडा तय कर रहे हैं तो दूसरी तरफ कमलनाथ को राज्य प्रभारी निय़ुक्त करने के कारण अकाली-बीजेपी गठबंधन और आम आदमी पार्टी कांग्रेस को घेरने की कोशिश कर रही है. कमलनाथ की नियुक्ति पर अकाली दल और आप ने काफ़ी आक्रामक प्रतिक्रिया दी है. उनपर 1984 के सिख दंगों में  शामिल होने का आरोप लगाया है.

अनुमान है कि इससे हर बीतते हुए दिन के साथ चुनावी अखाड़े में हंगामे की स्थति पैदा होगी

नाथ ने इस आरोप को सिरे से ख़ारिज करते हुए कहा कि नानावटी कमीशन ने उन्हें इस आरोप से दोषमुक्त कर दिया है. इन सबके बावज़ूद, अकाली दल और आप के नेता इस मुद्दे के ज़रिये कांग्रेस का घेराव करने की कोशिश कर सकते हैं. अनुमान है कि इससे हर बीतते हुए दिन के साथ चुनावी अखाड़े में हंगामे की स्थति पैदा होगी. 

मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने कमलनाथ की नियुक्ति को सिखों का अपमान करार देते हुए इसे सिखों के प्रति विश्वासघात करार दिया है. बादल ने निराशा जताते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी द्वारा लिया गया ये फैसला काफ़ी मूर्खतापूर्ण है और 1984 के दंगे पर पूरे देश की राय  का अनादर करता है. 

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उन्होंने आक्रामक तेवर दिखलाते हुए कहा कि मुझे ये समझ नहीं आता कि  कोई भी पार्टी सिखों की भावनाओं के प्रति इतनी निर्दयता से कैसे असंवेदनशील हो सकती है. 

कमलनाथ पर हैं कई आरोप

कमलनाथ पर एक नवंबर 1984 को गुरुद्वारा रकाबगंज में गुरुद्वारा साहिब पर पुलिस फायर का आदेश देने का आरोप है जिसमें बड़ी संख्या सिख समुदाय के लोग मारे गए थे. उनपर ये आरोप भी है कि, उन्होंने पुलिस को हमला न रोकते हुए हमलावरों का साथ देने का आदेश दिया था. 

बादल की पार्टी ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें पंजाबियों को ये बात बतानी चाहिए कि गांधी परिवार द्वारा 1984 के सिख नरसंहार के मुज़रिमों को बचाने और प्रोत्साहन देने की निति को वो आगे क्यों बढ़ा रहे हैं.

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आप पार्टी ने भी  तीख़ी प्रतिक्रिया देते हुए नाथ की नियुक्ति को सिखों के घाव पर नमक छिड़कने वाला कदम बताया है. पार्टी के राज्य संयोजक सुच्चा सिंह छोटेपुर ने कहा कि कांग्रेस को पीड़ितों को न्याय दिलवाना चाहिए.

कमलनाथ को राज्य प्रभारी नियुक्त कर, कांग्रेस चुनावी मैदान में जुआ खेल रही है

अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने कहा कि राज्य प्रभारी के तौर पर नाथ की नियुक्ति सिखों की संवेदनाओं के साथ क्रूर मज़ाक है.  

आप प्रवक्ता संजय सिंह ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि जब अमरिंदर सिंह ने सोनिया गांधी को चिट्टी लिख कर प्रताप के ड्रग्स माफिआओं के साथ सम्बन्ध के बारे में बताया था, तो उनपर करवाई क्यों नहीं की गयी. ये सब जानने के बावज़ूद भी उन्हें राज्यसभा की सीट क्यों दी गयी. 

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समीक्षकों का कहना है कि कमलनाथ को राज्य प्रभारी नियुक्त कर, कांग्रेस चुनावी मैदान में जुआ खेल रही है. जहां एक तरफ नाथ को अच्छे चुनाव प्रबंधक के तौर पर देखा जाता है, वहीं विपक्ष 1984 के सिख दंगे मामले को मुद्दा बनाकर पार्टी को निशाना बना सकता है. 

बहरहाल यह बात भी नज़रअंदाज़ नहीं की जा सकती कि 1984 के बाद कांग्रेस पार्टी लोकसभा चुनाव जीतने के साथ-साथ पंजाब में दो बार और दिल्ली में तीन बार विधानसभा का चुनाव जीत चुकी है.

First published: 15 June 2016, 7:49 IST
 
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