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NSA अजीत डोभाल के बेटे की कंपनी पर हुए बड़े खुलासे से देश में मचा बवाल, कांग्रेस ने कहा- डी कंपनी

कैच ब्यूरो | Updated on: 17 January 2019, 18:19 IST

राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल के बेटे विवेक डोभाल की कंपनी को लेकर एक अंग्रेजी मैगजीन के खुलासे के बाद देश में सियासी तूफान मच गया है. कांग्रेस के बड़े नेता जयराम रमेश ने आशंका जाहिर करते हुए कहा कि नोटबंदी और टैक्स हेवन के जरिए भारत में पैसा आने के बीच जरूर कोई संबंध है.

उन्होंंने कहा कि इसकी जांच होनी चाहिए और अजीत डोभाल को इस मामले में स्पष्टीकरण देना चाहिए. जयराम रमेश ने इसके आगे कहा कि काले धन पर रिपोर्ट लिखने वाले अजीत डोभाल के बेटे ही इस जाल में फंसे हैं. इस पूरे मामले को कांग्रेस नेता ने 'डी-कंपनी' की संज्ञा दे दी.

बता दें कि यूनाइटेड किंगडम, संयुक्त राज्य अमेरिका, सिंगापुर और केमैन आइलैंड से द कारवां द्वारा एक्सेस किए गए व्यापार दस्तावेज़ बताते हैं कि राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल के छोटे बेटे विवेक डोभाल टैक्स हेवन के लिए मशहूर केमैन द्वीप में एक हेज फंड चलाते हैं. 

द कारवां की रिपोर्ट  में कहा गया है कि यह हेज फंड प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार द्वारा 2016 में 500 और 1,000 रुपये के पुराने नोटों के विमुद्रीकरण के महज 13 दिन बाद रजिस्टर्ड किया गया था. विवेक डोभाल का कारोबार उनके भाई शौर्य डोभाल द्वारा चलाए जा रहे कारोबार से जुड़ा हुआ है.

शौर्य डोभाल इंडिया फाउंडेशन नाम का एक थिंक टैंक चलाते हैं, जो मोदी सरकार के काफी करीब माने जाते हैं. कारवां की रिपोर्ट में कहा गया है कि 2011 में अजीत डोभाल ने एक रिपोर्ट लिखी, जिसमें टैक्स सेवेंस और ऑफशोर संस्थाओं पर सख्त कार्रवाई की वकालत की गई थी.

विवेक डोभाल एक चार्टर्ड वित्तीय विश्लेषक है जो यूके के नागरिक हैं और सिंगापुर में रहते हैं. रिपोर्ट के अनुसार वह जिस हेज फंड के निदेशक हैं, उसका नाम जीएनवाई एशिया फंड है. जुलाई 2018 के दस्तावेज़ के अनुसार डॉन डब्ल्यू ईबैंक और मोहम्मद अल्ताफ मुसलीम वेटिल निर्देशक भी हैं, ईबैंक का नाम पैराडाइज पेपर्स में आ चुका है.

First published: 17 January 2019, 18:10 IST
 
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