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नोटबंदीः कांग्रेस शासित राज्यों में भाजपा के जमीन सौदों की जांच के आदेश

आकाश बिष्ट | Updated on: 11 February 2017, 5:45 IST
(आर्या शर्मा/कैच न्यूज़)

नोटबंदी पर सरकार के खिलाफ एक भी दांव सफल होते न देख कांग्रेस ने अब भाजपा को घेरने की नई तरकीब निकाली है. कैच न्यूज ने अपनी एक रिपोर्ट में बताया था कि भाजपा ने नोटबंदी की घोषणा से पूर्व बिहार में जमीनें खरीदी थीं और अब कांग्रेस ने कर्नाटक, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में अपनी राज्य सरकारों को निर्देश दिए हैं कि वह यह पता लगाए कि कहीं इन राज्यों में भी भाजपा ने ऐसा ही कोई लेन-देन तो नहीं किया.

गहन जांच

जब से बिहार में किए गए जमीनों के सौदे जांच के दायरे में आए हैं, भाजपा बचाव की मुद्रा में दिखाई दे रही है. पार्टी का दावा है कि देश भर के जिलों में पार्टी ऑफिस खोलने के लिए जमीनें खरीदने का फैसला साल भर पहले किया गया था.

भाजपा नेता सुधांशु मित्तल ने कैच को कहा, ‘पार्टी के लिए ऑफिस खरीदने का फैसला एक साल पहले किया गया था और उसी के लिए फंड इकठ्ठा किया गया था. इन सौदों के लिए उसी फंड का इस्तेमाल किया गया.’

हालांकि कांग्रेस का आरोप यह भी है कि भाजपा द्वारा खरीदी गई जमीनों के रेट कागजात में दिए गए रेट से कहीं अधिक हैं. जमीन को राज्य का मसला मानते हुए कांग्रेस ने अपनी राज्य सरकारों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने-अपने राज्यों में भाजपा द्वारा खरीदी गई जमीनों के सौदों की जांच करें.

कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने बताया राज्य सरकारों को यह भी निर्देश दिए गए हैं कि जांच की जाए कि कहीं पार्टी ने सर्किल रेट से कम पर तो सौदा नहीं किया है. साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि इन सौदों में कितना कैश इस्तेमाल किया गया.

बिहार में क्या हुआ

बिहार में भाजपा ने पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह जैसे नेताओं के नाम पर 10 जिलों में जमीनें खरीदीं. पार्टी के एक कार्यकर्ता ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि राज्य के सभी जिलों में जमीनें खरीदी गई हैं. जब मीडिया में ये खबरें आईं तो भाजपा नेता सुशील मोदी ने कहा, ये जमीनें खरीदने के लिए लोन लिया गया और इनका भुगतान चेक से किया गया है.

दूसरी ओर, बिहार के राजस्व विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक इन सौदों में भुगतान करने के लिए 2 करोड़ रूपए के कैश का इस्तेमाल किया गया. बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी इन सौदों की टाइमिंग पर सवाल उठाए थे. 

बिहार की ही तरह भाजपा ने ओडिशा में भी नोटबंदी से पहले 18 जिलों में जमीनें खरीदी थी. कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि इन जमीनों की कीमत आधिकारिक कागजों में दिखाई गई कीमतों से कहीं अधिक है. यहां भी जमीनें पार्टी नेताओं के नाम पर खरीदी गई.

आरोप और मांगें

कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा, काले धन की गुत्थी तो दिन पर दिन गहराती ही जा रही है. नोटबंदी से ठीक पहले भाजपा ने देश भर में ही रियल एस्टेट में निवेश किया है. उन्होंने कहा, देश की जनता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मांग कर रही है कि वे नोटबंदी से पहले के साल भर के निवेश का ब्यौरा दें, भाजपा और आरएसएस ने पिछले 12 महीनों में जितने भी जमीन संबंधी लेन-देन किए, उसकी जानकारी दें. प्रधानमंत्री स्वयं इस संबंध में पारदर्शिता और विश्वास की बात करते आए हैं.

कांग्रेस की एक मांग यह भी है कि बीजेपी और आरएसएस की नोटबंदी से पहले के छह माह का बैंक अकाउंट का ब्यौरा सार्वजनिक किया जाए ताकि यह साबित किया जा सके कि उनके खातों में कुछ भी गड़बड़ी नहीं है.

First published: 4 December 2016, 8:25 IST
 
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