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ट्रिपल तलाक पर सुप्रीम कोर्ट की संवैधानिक पीठ 11 मई से करेगी रोज सुनवार्इ

कैच ब्यूरो | Updated on: 30 March 2017, 15:31 IST
talaq

ट्रिपल तलाक के मामले पर कड़ा रुख अपनाते हुए गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि ट्रिपल तलाक मामले की सुनवाई अब SC की संवैधानिक पीठ करेगी. इस मामले की सुनवाई 11 मई से रोज होगी, ताकि मामले को जल्द से जल्द निपटाया जा सके.

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि मामला बेहद महत्वपूर्ण है इस वजह से गर्मी की छुट्टियों में भी मामले की सुनवाई होगी. सुप्रीम कोर्ट ने अटॉर्नी जनरल की आपत्ति पर यह टिप्पणी की. अटॉर्नी जनरल ने कहा था कि गर्मी की छुट्टियों से पहले इस मामले की सुनवाई होनी चाहिए. चीफ जस्टिस ने सभी पक्षों को 2 सप्ताह में अपना जवाब दायर करने को कहा है. कुछ लोग गर्मी की छुट्टियों में सुनवाई के खिलाफ थे, लेकिन कोर्ट ने कहा कि जब हम छुट्टियों में काम कर सकते हैं तो आप क्यों नहीं. जिसके बाद कोर्ट ने 11 मई की तारीख तय की.

इससे पहले ट्रिपल तलाक मामले में सुप्रीम कोर्ट में ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने लिखित जवाब दाखिल कर कहा है कि ट्रिपल तलाक के खिलाफ दाखिल याचिका सुनवाई योग्य नहीं है. साथ ही कहा कि मुस्लिम पर्सनल लॉ को संविधान के तहत धार्मिक स्वतंत्रता के अधिकार के तहत प्रोटेक्शन है. उसे मूल अधिकार के कसौटी पर नहीं आंका जा सकता. मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने कहा कि कोर्ट पर्सनल लॉ को दोबारा रिव्यू नहीं कर सकती उसे नहीं बदला जा सकता. कोर्ट पर्सनल लॉ में दखल नहीं दे सकती.

ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने कहा कि 16 फरवरी को सुप्रीम कोर्ट ने आदेश में कहा था कि तमाम पक्षकार इस मामले में लिखित जवाब पेश करें. इसी के तहत सुप्रीम कोर्ट में लिखित जवाब पेश किया गया है. इसके तहत कई सवाल मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड की ओर से कोर्ट के सामने रखे गए. कहा गया कि क्या ये ट्रिपल तलाक आदि के खिलाफ दाखिल याचिका विचार योग्य है. क्या पर्सनल लॉ को मूल अधिकार की कसौटी पर टेस्ट हो सकता है. क्या कोर्ट धर्म और धार्मिक लेख की व्याख्या कर सकता है. मुस्लिम पर्सनल लॉ संविधान के अनुच्छेद-25, 26 व 29 में प्रोटेक्टेड है और क्या इसका व्याख्या या रिव्यू हो सकता है.

First published: 30 March 2017, 15:24 IST
 
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