Home » इंडिया » Cornell University senior student strips down to her underwear to give her thesis presentation after claiming her female professor
 

प्रोफेसर को जवाब देने के लिए छात्रा ने क्लासरूम में उतार दिए कपड़े

कैच ब्यूरो | Updated on: 10 May 2018, 20:19 IST
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छात्राओं के कपड़ों को लेकर भारतीय कॉलेजों में हमेशा विवाद होता रहा है. ऐसे में अमेरिका में यूनिवर्स‍िटी की एक छात्रा ने दुनियाभर की छात्राओं के सामने एक ऐसी मिसाल पेश की है. जिसकी दुनिया तारीफ कर रही है.

न्यूयॉर्क के कार्नेल यूनिवर्स‍िटी की छात्रा लेटिटिया चाय ने छोटे कपड़ों पर भद्दे कमेंट को लेकर अपने प्रोफेसर को करारा जवाब दिया है. उन्होने विरोध का एक ऐसा तरीका अपनाया जिसको जानकर हर कोई उनकी तारीफ कर रहा है. वह पुरी दुनिया की छात्राओं के लिए एक मिसाल बन गई हैं.

डेली मेल की खबर के अनुसार, दरअसल छात्रा लेटिटिया चाय न्यूयॉर्क के कार्नेल यूनिवर्स‍िटी की छात्रा हैं. वह अपने कॉलेज में प्रेजेंटेशन दे रही थीं, तभी यूनिवर्स‍िटी के प्रोफेसर रेबेका मेग्‍गोर ने उन्‍हें उनकी छोटी स्‍कर्ट के लिए टोका दिया. लेटिटिया चाय को प्रोफेसर की ये बात अच्छी नहीं लगी.

 

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उन्होंने इसका विरोध करने की ठान ली. इस घटना के बाद जब लेटिटिया चाय अपना फाइनल प्रेजेंटेशन देने के लिए कॉलेज पहुंची तो उन्होंने एक एक कर अपने सारे कपड़े उतार दिए. उन्होंने केवल अंडरवियर में प्रेजेंटेशन दिया.

चाय ने विरोध प्रदर्शन से पहले अपने फेसबुक पोस्‍ट में लिखा था कि वह ब्‍लू जींस वाली स्‍कर्ट पहनकर प्रेजेंटेशन दे रही थीं, लेकिन इस दौरान उनकी प्रोफेसर ने उनको टोक दिया, प्रोफेसर का कहना था कि इस तरह की ड्रेस पहनने से लड़कों की नजर उनके कपड़ों पर जाएगी.

 

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वह प्रजेंटेशन पर ध्यान नहीं देंगे. उन्होंने आगे कहा कि प्रजेंटेशन के बाद उनकी प्रोफेसर ने क्लास के बाहर निकलकर कहा था कि उनकी मां ऐसे छोटे कपड़े पहन कर क्या सोचती होंगी. चाय ने अपनी प्रोफेसर को इसका जवाब देते हुए कहा कि उनकी मां एक फेमिनिस्‍ट हैं उनको उसकी छोटी ड्रेस पहनने से कोई दिक्कत नहीं है.

लेटिटिया चाय के विरोध के तरीके का उनके सहपाठियों ने समर्थन किया तो वहीं कुछ छात्रों ने प्रोफेसर का बचाव किया. छात्रों का कहना था कि प्रोफेसर सिर्फ प्रेजेंटेशन के दौरान प्रफेशनल रहने के लिए कह रही थीं. हालांकि लेटिटिया चाय का विरोध का ये तारीका काफी वायरल हो रहा है. लोग उनकी तारीफ कर रहे हैं. दूसरी तरफ प्रोफेसर रेबेका मेग्‍गोर का कहना है कि उन्होंने कभी भी छात्रों के कपड़ों पर रोक नहीं लगाई है. वह तो खुद छात्रों को कपड़े पहनने की आजादी देती हैं.

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लेटिटिया चाय के विरोध के तरीके का उनके सहपाठियों ने समर्थन किया तो वहीं कुछ छात्रों ने प्रोफेसर का बचाव किया. छात्रों का कहना था कि प्रोफेसर सिर्फ प्रेजेंटेशन के दौरान प्रफेशनल रहने के लिए कह रही थीं.

लेटिटिया चाय का विरोध का ये तारीका काफी वायरल हो रहा है. लोग उनकी तारीफ कर रहे हैं. दूसरी तरफ प्रोफेसर रेबेका मेग्‍गोर का कहना है कि उन्होंने कभी भी छात्रों के कपड़ों पर रोक नहीं लगाई है. वह तो खुद छात्रों को कपड़े पहनने की आजादी देती हैं.

First published: 10 May 2018, 19:39 IST
 
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