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चीनी विदेश मंत्री ने एस जयशंकर को किया फोन, कोरोना वायरस को लेकर की ये मांग

कैच ब्यूरो | Updated on: 25 March 2020, 11:10 IST

Corona Virus Outbreaks: दुनियाभर (Worldwide) में फैले कोरोना वायरस (Corona Virus) के खौफ के बीच चीन (China) के विदेश मंत्री वांग यी (Wang Yi) ने विदेश मंत्री एस जयशंकर (S Jaishankar) को फोन किया. वांग ने विदेश मंत्री से कई मुद्दों पर बातचीत की. साथ ही कोरोना वायरस से लड़ाई लड़ने के लिए भी मदद की अपील की. मंगलवार को दोनों देशों के विदेश मंत्रियों के बीच हुई बातचीत में वांग ने भारत से अपील की, कि वह इस वायरस के लिए 'चीनी वायरस' नाम का इस्तेमाल न करें. इससे उनकी देश की छवि दुनियाभर में खराब हो रही है. साथ ही कहा कि यह अंतरराष्ट्रीय सहयोग के लिए भी खतरनाक साबित हो सकता है.

विदेश मंत्री से बातचीत के दौरान यांग ने उम्मीद जताई की भारत संकुचित मानसिकता का विरोध करेगा और इस वायरस के लिए 'चीनी वायरस' जैसे शब्द का इस्तेमाल नहीं करेगा. गौरतलब है कि कोरोना वायरस की शुरुआत चीन के वुहान शहर से हुई थी, जिसके बाद ये वायरस दुनियाभर में फैल गया. चीन सरकार का कहना है कि बेशक इस वायरस का सबसे पहला मामला चीन से सामना आया था, लेकिन इस बात का कोई सबूत नहीं है कि इसका उदय चीन से ही हुआ. चीन से निकलने की वजह से पूरी दुनिया इसे चीनी वायरस उपनाम से भी जानने लगी है. इसके लिए चीनी राजनयिक पूरी दुनिया में एक अभियान चला रहे हैं जिसके तहत वह सरकारों को इस बात के लिए मना रही हैं कि वह वायरस के लिए चीनी वायरस का प्रयोग न करें.

 

भारत में मौजूद चीनी राजनयिक सुन वीडोंग ने मंगलवार शाम ट्वीट करके कहा, "वांग यी ने कहा कि इस वायरस को लेबल करके चीन को कलंकित करना स्वीकार्य नहीं है और यह अंतरराष्ट्रीय सहयोग के लिए हानिकारक है. उम्मीद है कि भारत इस संकुचित मानसिकता का विरोध करेगा. डॉ. जयशंकर भी इस बात के लिए राजी हो गए कि वह वायरस को लेबल न करके अंतरराष्ट्रीय समुदाय में एकजुटता का एक मजबूत संकेत भेजेंगे."

बता दें कि कोरोना को 'चीनी वायरस' कहने पर चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कड़ा विरोध जताया है. इसके लिए वह अमेरिका की काफी आलोचना कर चुका है. चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गेंग शुआंग ने एक बयान में कहा, "चीन ने बार-बार दोहराया है कि अमेरिका में कुछ व्यक्तियों ने जानबूझकर नए कोरोना वायरस को चीन से जोड़ा और लगातार चीन की छवि खराब की है. चीनी लोग इसका कड़ा विरोध करते हैं. विश्व स्वास्थ्य संगठन और अतंरराष्ट्रीय समुदाय दोनों ने स्पष्ट रूप से किसी वायरस को किसी देश या क्षेत्र से जोड़ने का विरोध किया है."

वांग और जयशंकर के बीच हुई वार्ता के बारे में ट्वीट करते हुए चीनी राजदूत सुन ने कहा कि चीनी विदेश मंत्री का कहना है कि चीन को पूरा विश्वास है कि भारत कोविड-19 के खिलाफ लड़ाई लड़कर उसमें जीत हासिल कर सकता है. चीन और भारत एक दूसरे का साथ देंगे और संयुक्त रूप से वैश्विक सार्वजनिक स्वास्थ्य की सुरक्षा करेंगे. इसके साथ ही वांग ने कोरोना के खिलाफ लड़ाई में भारत के साथ सहानुभूति और एकजुटता की बात कही. सुन ने बताया कि वांग ने जयशंकर से कहा, चीन अपने अनुभव साझा करने के लिए तैयार है. हम अपनी क्षमता के अंदर सहायता करने को तैयार हैं. जयशंकर ने भारत के लिए सहानुभूति संदेश और चिकित्सा सामग्री की सहायता के लिए चीन को धन्यवाद दिया.

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First published: 25 March 2020, 11:10 IST
 
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