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coronavirus : दुनियाभर में 100,000 लोग हुए ठीक, लेकिन फेफड़ों पर बुरा असर छोड़ जाता है ये वायरस

कैच ब्यूरो | Updated on: 24 March 2020, 9:09 IST

दुनियाभर में कोरोना वायरस (coronavirus) से उबरने वाले लोगों की संख्या 100,000 से अधिक हो गई है. इस खबर ने कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण के बीच लोगों में एक उम्मीद जगाई है. दुनियाभर में कोरोना वायरस से कम से कम 350,000 लोग संक्रमित हुए हैं और 15,000 लोगों की मौत हुई है. यह वायरस दुनिया के लगभग 192 देशों फैल चुका है. भारत की बात करें तो केरल में फरवरी में तीन COVID -19 से संक्रमित लोग ठीक हुए थे. 4 मार्च को देश में COVID -19 के लिए पॉजिटिव टेस्ट करने वाले 14 इटली के लोगों में से 11 सही हो चुके हैं. भारत में कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों में से अभी 33 को सही कर दिया गया है.

चीन से मिले आंकड़ों से जानकारों ने निष्कर्ष निकाला गया है कि कोरोना वायरस से संक्रमित ज्यादातर लोगों में इसके लक्षण आसानी से नहीं दिखते हैं. कहा गया है कि चीन और दक्षिण कोरिया में कई ऐसे लोग थे जिनमें इस वायरस के लक्षण नहीं दिखाई दिए. हालांकि दक्षिण कोरिया और चीन ने ऐसे लोगों की भी जांच की. उनका मानना था कि ये लोग वायरस के 'साइलेंट वाहक' थे. 


हिंदुस्तान टाइम्स के अनुसार मेदांता-द मेडिसिटी के डॉक्टर ने बताया "मरीजों को तीन दिनों तक बिना दवा के बुखार रहता है. पहले लक्षण दिखाई देने के बाद पूरे एक हफ्ते तक खांसी और सांस लेने में तकलीफ नहीं होती है. लगातार दो दिन COVID-19 टेस्ट में निगेटिव निकलते हैं''. मरीज को सही घोषित करने केलिए दो लगातार नकारात्मक परीक्षणों की आवश्यकता होती है क्योंकि वायरस लक्षणों के गायब होने के बाद दिनों तक शरीर में बने रह सकते हैं.

गंभीर रूप से बीमार COVID-19 रोगियों में 24 दिनों के बाद भी लक्षण दिखाई देते हैं. चीन में चार चिकित्सकों के एक छोटे से अध्ययन में दो सप्ताह के बाद शरीर में वायरस पाया गया, जबकि जर्मनी के नए शोध ने पाया कि हल्के लक्षण वाले लोग संक्रमित होने के लगभग 10 दिनों के बाद निगेटिव होते हैं. वैज्ञानिकों का कहना है कि कोरोना वायरस में मृत्यु दर लगभग 4.3 प्रतिशत है.

अमेरिका और चीन के डेटा से पता चलता है कि इस बीमारी के कारण वयस्कों और वृद्ध व्यक्तियों में खतरे की ज्यादा संभावना है. हॉन्ग कॉन्ग हॉस्पिटल अथॉरिटी की रिपोर्ट के अनुसार कोरोनोवायरस मरीज फेफड़ों की कम क्षमता से पीड़ित हो सकते हैं, जिसमें बताया गया है कि तीन में से दो लोग 20-30 प्ररिशत फेफड़ों की कार्यक्षमता खो चुके हैं. लेकिन भारत से अभी तक कोई डेटा सामने नहीं आया है.

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First published: 24 March 2020, 9:09 IST
 
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