Home » इंडिया » coronavirus : 43 people involved in Nizamuddin Markaz were found to be corona virus positive in Andhra Pradesh
 

Covid-19: निजामुद्दीन मरकज में शामिल 43 लोग आंध्र प्रदेश में कोरोना वायरस पॉजिटिव पाए गए

कैच ब्यूरो | Updated on: 1 April 2020, 16:26 IST

आंध्र प्रदेश में बुधवार को (coronavirus) कोरोनो वायरस पॉजिटिव 43 लोगों का पता चला है. अब राज्य में पॉजिटिव मामलों की संख्या 44 से बढ़कर 87 तक हो गई है. ये सभी 43 संक्रमित लोग दिल्ली के मरकज बंगलेवाली में धार्मिक मण्डली से जुड़े हैं. यह कार्यक्रम पिछले महीने सुन्नी इस्लाम के संप्रदाय तबलीगी जमात द्वारा आयोजित किया गया था. आंध्र प्रदेश सरकार के एक बुलेटिन में कहा कि परीक्षणों के लिए कुल 373 नमूने भेजे गए. जिनमें से 43 का बुधवार को परीक्षण किया गया.

पॉजिटिव पाए गये ज्यादातर लोग कडप्पा क्षेत्र से हैं, जो मुस्लिम आबादी वाला क्षेत्र है. राज्य सरकार का कहना है कि आंध्र प्रदेश के कई लोग निजामुद्दीन में शामिल थे. राज्य सरकार के एक अधिकारी ने कहा "हम उन लोगों को ट्रैक कर रहे हैं जो दिल्ली में मरकज़ में शामिल हुए थे. एक दिन पहले 17 लोगों का पॉजिटिव टेस्ट किया गया था. इस बीच निजामुद्दीन मरकज की बैठक में भाग लेने वाले 15 और लोगों का मंगलवार को पॉजिटिव टेस्ट किया गया.


सुरक्षा अधिकारियों का कहना है कि यह उन सभी विदेशियों का पता लगाने की कोशिश रहे हैं जो भारत में मौजूद हैं. दिल्ली में निजामुद्दीन मरकज़ में 216 विदेशी नागरिक थे, जबकि देश के विभिन्न हिस्सों से लगभग 800 से अधिक लोग यहां आये थे. इनमें से ज्यादातर लोग इंडोनेशिया, मलेशिया और बांग्लादेश से थे. जनवरी के बाद से गृह मंत्रालय ने कहा है, लगभग 2,000 विदेशियों ने मरकज़ में भाग लिया है.

प्रारंभिक रिपोर्टों में कहा गया है कि लगभग सभी ने अपने वीजा की शर्तों का उल्लंघन कर ट्रैवल वीजा पर भारत में प्रवेश किया था. तब्लीगी जमात की स्थापना मौलाना साद के परदादा मौलाना इलियास कांधलवी ने की थी. तबलीगी, जिसमें मेवाती ग्रामीण आबादी के मुस्लिम धर्मान्तरित शामिल थे, 1527 में मुगल शासक बाबर के खिलाफ खानपुर के युद्ध में मेवाड़ के राणा सांगा के साथ मुगल शासक बाबर के खिलाफ लड़े थे.

निजामुद्दीन मरकज मामला: अमित शाह को मस्जिद खाली करवाने रात के 2 बजे डोभाल को भेजना पड़ा

First published: 1 April 2020, 16:20 IST
 
अगली कहानी