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कोरोना वायरस: 800 लोगों का पेट भरने के लिए बच्चों ने जो किया, उसे जानकर आप हो जाएंगे इमोशनल

कैच ब्यूरो | Updated on: 31 March 2020, 17:45 IST

Coronavirus: कोरोना वायरस के कारण देश में संपूर्ण लॉकडाउन की स्थिति है. इस दौरान कई हिस्से में मजदूर फंसे हुए हैं. उन्हें खाने-पीने की दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. ऐसे में सरकार से लेकर कई अन्य प्राइवेट संस्थाएं तथा आम लोग भी भूखे लोगों की मदद कर रहे हैं. ऐसा ही एक मामला मुंबई में देखने को मिला.

मुंबई के मलाड इलाके की ये घटना मानवता की मिसाल पेश करती है. बड़ी बात यह है कि ये मिसाल पेश करने वाले छोटे-छोटे बच्चे हैं. इन नन्हें बच्चों ने 800 जरूरतमंदों को खाने-पीन का सामान पहुंचाने के लिए अपने गुल्लक को तोड़ दिया. बच्चों ने मजदूरों की मदद अपनी गुल्लक तोड़कर जो पैसे जमा किए उससे की है.

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इन बच्चों अपनी पॉकेट मनी से जो पैसे मिलते थे उन पैसों को पिछले कई महीने से जमा कर रखा था. अब उन्हीं पैसों से उन्होंने इन जरूरतमंदों के पास खाने-पीने का सामान पहुंचाया. बच्चों ने अपने गुल्लक के पैसों से पैकेट मे आंटा, चावल, दाल, तेल, चीनी और नमक का पैकेट मजदूरों तक पहुंचाया.

इन बच्चों ने अपने गुल्लक के पैसों से इन दिहाड़ी मजदूरों और जरूरतमंदों के लिए 15 से 20 दिनों का पर्याप्त राशन पहुंचाया. बच्चों ने जिन्हें खाना पहुंचाया वे दिहाड़ी मजदूर हैं. बच्चों ने बताया कि इनके पास खाने-पीने का सामान ना होने की वजह से ये अपने घरों की और पलायन कर रहे हैं.

बच्चों ने कहा कि ऐसे में कोरोना वायरस के संक्रमण का खतरा सबसे ज्यादा इन गरीब मजदूरों को ही है. बच्चों ने कहा कि अगर इन दिहाड़ी मजदूरों तक जरूरत का सामान पहुंच गया तो ये अपने घर की और प्रस्थान नहीं करेंगे और जहां है वहीं रहेंगे. 

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First published: 31 March 2020, 17:45 IST
 
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