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Coronavirus: लॉकडाउन का कुदरत पर पड़ा बड़ा प्रभाव, कोलकाता में 30 साल बाद लौटीं गंगा डॉल्फिन

कैच ब्यूरो | Updated on: 24 April 2020, 18:10 IST

Coronavirus: कोरोना वायरस के प्रकोप के कारण पूरे देश में लॉकडाउन की स्थिति है. इस दौरान कुदरत में काफी पॉजिटिव बदलाव देखने को मिल रहा है. पूरे देश की हवा साफ हो चुकी है, नदियों के पानी की क्वालिटी अच्छी हो गई हैं. सड़कों पर जानवर दिखने लगे हैं और आसमान काफी खुशनुमा दिख रहा है. इस बीच एक अच्छी खबर कोलकाता के हुबली नदी के घाटों से सामने आई है.

टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के अनुसार, हुबली नदी के घाटों में 30 साल बाद 'गंगा डॉल्फिन' की वापसी हो गई है. 'गंगा डॉल्फिन' दुनिया में डॉल्फिन की एकमात्र ऐसी प्रजाति है जो स्‍वच्‍छ और मीठे पानी में पाई जाती है. लेकिन नदियों में बढ़ते प्रदूषण के कारण 'गंगा डॉल्फिन' के अस्तित्व पर खतरा मंडरा रहा है. साल 2009 में केंद्र सरकार ने गंगा डॉल्फिन को भारत का राष्ट्रीय जलीय जीव घोषित किया था.

वरिष्‍ठ पर्यावरण कार्यकर्ता बिस्‍वजीत रॉय चौधरी ने दावा किया कि लॉकडाउन के कारण हुगली नदी के पानी की गुणवत्ता में सुधार हुआ है. इसी कारण गंगा  डॉल्फिन वापस लौट रही हैं. खुद उन्‍होंने बाबूघाट में कुछ डॉल्फिन को अठखेलियां करते हुए देखा. उन्होंने बताया, "30 साल पहले ये डॉल्फिन कोलकाता के अलग-अलग घाटों पर दिखाई देती थीं. इसके बाद जल प्रदूषण बढ़ने से ये गायब हो गई थीं. इनके वापस आने का मतलब है, हुगली नदी के पानी की गुणवत्ता में सुधार हुआ है." 

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बता दें कि दुनिया के ज्यादातर देशों में इस समय कोरोना के संकट के कारण लॉकडाउन की स्थिति है. इस दौरान न सड़कों पर गाड़ियां दिखाई दे रही हैं और न ही पानी में चलते बड़े जहाज. हवा में उड़ते जहाज भी अपने बेड़े में खड़े हैं तथा रेलगाड़ियां पटरियों से गायब हो गई हैं. लोग अपने-अपने घरों में कैद हैं. न फैक्ट्रियां चल रही हैं और न ही कारखाने. इसका पॉजिटिव असर प्रकृति पर पड़ा है.

लॉकडाउन के कारण धरती को अपने घावों पर मलहम लगाने का मौका मिल गया है. आसमान की हवा लॉकडाउन की वजह से साफ हो गई है और नदियों का प्रदूषण कम हो गया है. पक्षियों की अब चहचहाट भी सुनाई देने लगी है. वहीं प्रजनन के लिए कछुए समुद्र तट की ओर लौट रहे हैं. मुंबई की सड़कों पर मोर दिखाई देने लगे हैं.

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First published: 24 April 2020, 18:10 IST
 
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