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खुशखबरी: IIT दिल्ली ने खोजी कोरोना वायरस की दवा ! बताया किस चीज से हो सकता है COVID-19 का इलाज

कैच ब्यूरो | Updated on: 19 May 2020, 13:13 IST

Coronavirus: कोरोना संकट के समय पूरी दुनिया इसकी दवा खोजने में जुटी है. वहीं IIT दिल्ली ने एक बड़ा दावा करते हुए कहा है कि प्राकृतिक औषधि अश्वगंधा से कोरोना वायरस का इलाज हो सकता है. कोरोना वायरस की दवा को लेकर आई इस खुशखबरी ने वैज्ञानिकों के चेहरे पर स्माइल ला दी है.

आइआइटी दिल्‍ली यानि भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान के बायोकेमिकल इंजीनियरिंग के प्रो डी सुंदर ने जानकारी दी कि जापान के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ एडवांस्ड इंडस्ट्रियल साइंस एंड टेक्नोलॉजी के साथ मिलकर उन्होंने खोज की है कि प्राकृतिक औषधि अश्वगंधा से खतरनाक कोरोना वायरस का इलाज हो सकता है.

अश्वगंधा क्यों हो महत्वपूर्ण?

आईआईटी के दावे के अनुसार, अश्वगंधा का रसायनिक पदार्थ कोरोना वायरस को कोशिकाओं में विकसित होने से रोकता है. कोविड-19 की विकसित होने की प्रकिया को रोकने की प्रणाली को रिसर्च में तैयार किया गया है. प्रो डी सुंदर पिछले 15 सालों से जापान के इंस्टिट्यूट के साथ अश्वगंधा पर काम कर रहे हैं.

प्रो डी सुंदर ने बताया कि शोधपत्र की पहली रिपोर्ट अं तरराष्ट्रीय शोध पत्रिका जर्नल ऑफ बायोमॉलिक्यूलर डायनामिक्स में प्रकाशित होने जा रही है. उन्होंने बताया कि यह दो दिनों में प्रकाशित होने जा रही है. शोध को आगे बढ़ाते हुए वह अश्वगंधा से कोविड-19 की दवाई बनाने की दिशा पर काम करेंगे.

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प्रो डी सुंदर ने बताया कि अश्वगंधा से कोविड-19 की दवाई बनाने के लिए कई प्रकार के क्लीनिकल ट्रायल करने की जरूरत होगी. इसका ट्रायल अत्याधुनिक लैब में होना चाहिए. इस पर काम किया जा रहा है. गौरतलब है कि अश्वगंधा बहुत ही लाभकारी औषधि है. इसका उपयोग आयुर्वेदिक उपचार के लिए किया जाता है.

उन्होंने बताया कि अश्वगंधा पर आईआईटी दिल्ली ने स्वतंत्र रूप से शोध किया है. यदि कोई शोधकर्ता कोविड-19 को लेकर हमारे शोध को इस्तेमाल करना चाहे तो कर सकता है. महीने भर पहले केंद्र सरकार ने आयुष मंत्रालय, स्वास्थ्य मंत्रालय, इंडियन कॉउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आइसीएमआर) तथा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय को जोड़ते हुए एक टास्क फोर्स का गठन किया था. इसमें अश्वगंधा, यष्टिमधु, गुडुची को पिपाली के साथ, आयुष-64 (मलेरिया की दवाई) जैसी आयुर्वेद औषधियों को लेकर कोविड-19 के संदर्भ में शोध करने की बात कही गई थी.

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First published: 19 May 2020, 13:10 IST
 
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