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भारत ने चीनी कंपनियों की रैपिड टेस्टिंग किट्स पर लगाई रोक, चीन से आयी प्रतिक्रिया

कैच ब्यूरो | Updated on: 28 April 2020, 9:09 IST

Coronavirus: भारत ने चीनी कंपनियों से कोरोना वायरस रैपिड टेस्टिंग किट के आयात पर रोक लगा दी है. चीन ने भारत के इस फैसले पर गहरी चिंता व्यक्त की है. मंगलवार को इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) ने दो चीनी कंपनियों द्वारा बनाये गए टेस्टिंग किट पर रोक लगा दी थी. चीन का कहना है कि उनके उत्पाद गुणवत्ता मानकों को पूरा करते हैं और कई अन्य देशों में निर्यात किए जाते हैं. चीनी दूतावास के प्रवक्ता जी रोंग ने मंगलवार सुबह जारी बयान में कहा “चीन से निर्यात किए जाने वाले मेडिकल प्रोडक्ट की गुणवत्ता को प्राथमिकता दी जाती है. कुछ व्यक्तियों द्वारा चीनी उत्पादों को ‘दोषपूर्ण’ करार देना अनुचित और गैर-जिम्मेदाराना है.

चीन की तरफ से यह बयान ICMR के फैसले के कुछ घंटों बाद बयान आया है. ICMR ने राज्य सरकारों को चीनी कंपनियों गुआंगज़ौ वोंडो जैवोटेक और झुहाई लिवज़ोन (Guangzhou Wondfo Biotech and Zhuhai Livzon Diagnostics) के रैपिड एंटीबॉडी टेस्टिंग किट का उपयोग बंद करने की सलाह दी है.

 

इससे पहले कई राज्यों ने इन टेस्टिंग किट्स पर सवाल उठाये थे. चीनी दूतावास के प्रवक्ता जी ने कहा हम आईसीएमआर द्वारा किए गए निर्णय से चिंतित हैं. उन्होंने कहा चीनी कंपनियों Wondfo और Livzon ने अपने टेस्टिंग किट चीन के नेशनल मेडिकल प्रोडक्ट एडमिनिस्ट्रेशन (NMPA) से प्रमाणित करवाए थे. प्रवक्ता ने कहा "इन दो चीनी कंपनियों द्वारा बनाये गए COVID-19 एंटीबॉडी रैपिड टेस्ट किट यूरोप, एशिया और लैटिन अमेरिका के कई देशों में निर्यात किये जाते हैं."


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जी ने आगे कहा कि बीजिंग को उम्मीद है कि नई दिल्ली चीन की सद्भावना और ईमानदारी का सम्मान करती है. भारत ने चीनी कंपनियों के टेस्टिंग किट और पीपीई किट के कई आदेश रद्द दिए हैं. ICMR ने कहा कि इन कंपनियों से खरीदे गए इन किटों का इस्तेमाल बंद कर दें और उन्हें आपूर्तिकर्ताओं को वापस भेज दें." भारत सरकार के एक अलग बयान में कहा गया है कि दो चीनी कंपनियों के आदेश रद्द कर दिए गए हैं क्योंकि उनकी किट अंडर-परफॉर्मिंग थी. कहा गया है कि ICMR ने आपूर्ति के लिए अब तक कोई भुगतान नहीं किया है और सरकार को आदेशों को रद्द करने से कोई नुकसान नहीं होगा.

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First published: 28 April 2020, 9:06 IST
 
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