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लॉकडाउन के बावजूद निजामुद्दीन मरकज़ में कैसे जमा थे हजारों लोग, जानिए घटना की पूरी टाइमलाइन

कैच ब्यूरो | Updated on: 1 April 2020, 9:19 IST

coronavirus अधिकारियों ने हजारों लोगों की खोजबीन शुरू कर दी है, जिन्होंने दिल्ली में एक धार्मिक समूह के मुख्यालय का दौरा किया था. यह घटना देश में कोरोना वायरस (coronavirus)संक्रमितों के बड़े श्रोत के रूप में उभरी है. इन लोगों में से 117 के कोरोना संक्रमित होने और 8 लोगों की मौत की खबर है. दिल्ली के हजरत निजामुद्दीन के पास स्थित मरकज में 01 से 15 मार्च के बीच होने वाले तब्लीग-ए-जमात कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए ये लोग दुनियाभर से पहुंचे थे. समाचार एजेंसी एएनआई ने इस घटना की टाइम लाइन को विस्तार से बताया है.

13 मार्च- निज़ामुद्दीन मरकज़ में धार्मिक सभा का हिस्सा बनने के लिए लगभग 3,400 लोग आए.

13 मार्च: उसी दिन दिल्ली सरकार के एक आदेश के बाद भी मण्डली शुरू हुई, जिसमें कहा गया कि 31 मार्च तक दिल्ली में 200 से अधिक लोगों को कोई भी धार्मिक, सामाजिक, राजनीतिक सभा नहीं होने दी जाएगी.


16 मार्च: दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने नियमों को और कड़ा करने की घोषणा की और संशोधित दिशानिर्देश में कहा गया कि कोरोनोवायरस को देखते हुए 50 से अधिक लोगों के जमा होने की अनुमति नहीं दी जाएगी. हालांकि मरकज़ में इन लोगों ने रहना जारी रखा.

20 मार्च: 10 इंडोनेशियाई जो सभा में शामिल हुए उनका तेलंगाना में कोरोना पॉजिटिव पाए गए.

22 मार्च: जनता कर्फ्यू की घोषणा

23 मार्च: 1500 लोगों ने मरकज़ खाली किया

24 मार्च: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लॉक डाउन की घोषणा की

25 मार्च: मरकज़ में लगभग 1,000 लोग रह रहे थे. जमात के अधिकारी अपने कार्यकर्ताओं को ट्रांसफर करने की अनुमति के लिए आवेदन दाखिल करने के लिए एसडीएम के कार्यालय में जाते हैं.

26 मार्च: एक उपदेशक (प्रीचर) जिसने सभा में भाग लिया, का पॉजिटिव टेस्ट किया गया और श्रीनगर में उसकी मृत्यु हो गई.

26 मार्च: एसडीएम ने मरकज़ का दौरा किया और डीएम के साथ बैठक के लिए जमात के अधिकारियों को बुलाया.

27 मार्च: छह कोरोनावायरस संदिग्धों को मेडिकल जांच के लिए ले जाया गया. बाद में उन्हें हरियाणा के झज्जर में एक क्वारेंटाइन फैसिलिटी में रखा गया.

28 मार्च: एसडीएम और डब्ल्यूएचओ की टीम ने मरकज़ का दौरा किया और 33 लोगों को मेडिकल चेकअप के लिए ले जाया गया, जिन्हें राजीव गांधी कैंसर अस्पताल में आइसोलेशन वार्ड में रखा गया था.

28 मार्च: एसीपी (लाजपत नगर ) ने मरकज़ को खाली करने का नोटिस भेजा

29 मार्च: ACP के पत्र के जवाब में मरकज़ अधिकारियों ने कहा ''देशव्यापी लॉकडाउन के बाद किसी भी व्यक्ति को यहां जमा होने की अनुमति नहीं है. जमावड़ा लॉकडाउन से बहुत पहले शुरू हुआ था और पीएम ने अपने भाषण में कहा था कि जो जहां रहे"

29 मार्च- रात से दिल्ली पुलिस और स्वास्थ्य अधिकारियों ने मरकज़ से लोगों को निकालना शुरू कर दिया और उन्हें अस्पतालों और क्वारेंटाइन फैसिलिटी में भेज दिया.

31 मार्च: निज़ामुद्दीन मरकज़ से शाम तक 1,548 लोगों को निकाला गया.

कोरोना वायरस: निजामुद्दीन मरकज के मौलाना मोहम्मद साद के खिलाफ दर्ज हुआ केस

First published: 1 April 2020, 9:09 IST
 
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