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कोरोना वायरस के चक्कर में इस खतरनाक बीमारी को नजरअंदाज कर रहा देश, गंभीर हो सकते हैं परिणाम

कैच ब्यूरो | Updated on: 25 June 2020, 13:16 IST

Coronavirus: भारत समेत पूरी दुनिया में कोरोना वायरस का प्रकोप कम होने का नाम नहीं ले रहा है. इस बीच एक सर्वे में सामने आया है कि कोरोना के चक्कर में एक ऐसी बीमारी है जिसे नजरंदाज करना भारी पड़ा सकता है. लंदन स्कूल ऑफ हाइजीन एंड ट्रॉपिकल मेडिसिन यानि LSHTM तथा लैंकेस्टर यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने दावा किया है कि अगले पांच सालों में देश में टीबी के मरीजों का आकड़ा बढ़ सकता है. 

शोध में दावा किया गया है कि अगले पांच सालों में चीन, भारत तथा दक्षिण अफ्रीका में टीबी से होने वाली मौतों का मामला काफी तेजी से बढ़ सकता है. रिसर्च में कहा गया है कि लोगों में सोशल डिस्टेंसिंग टीबी की बीमारी को कम करने में मदद कर सकती है. इसके अलावा जिन देशों में स्वास्थ्य सेवाएं अभी ठप पड़ी हैं वहां टीबी के मामले और मौतों का आंकड़ा काफी बढ़ सकत है.

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रिसर्च में कहा गया कि स्वास्थ्य सेवाओं में व्यवधान तथा उपचार में देरी के कारण भारत में 95,000 टीबी से संबंधित मौत का कारण कोरोना बन सकता है. बता दें कि कोरोना वायरस से पहले हर रोज दुनिया में 4,000 से अधिक लोग टीबी से मर रहे थे. जिन देशों में कोरोना के चलते स्वास्थ्य सेवाओं पर असर पड़ा है. वहां टीबी से सबसे खराब स्थिति देखे जाने का अंदेशा है. इन देशों में टीबी से मौत का आंकड़ा 2 लाख तक बढ़ सकता है.

भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका में पूरी दुनिया के टीबी मामलो तथा मौतों का लगभग 40% केस है. शोधकर्ताओं के अनुसार, स्वास्थ्य सेवा में कमी के चलते अगले पांच वर्षों में चीन में 6,000 अतिरिक्त मौतें, भारत में 95,000 तथा दक्षिण अफ्रीका में 13,000 अतिरिक्त मौतों का आंकड़ा बढ़ सकता है.

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First published: 25 June 2020, 13:10 IST
 
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