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कोरोना वायरस: लॉकडाउन के कारण अन्य बीमारियों के सैकड़ों मरीज भूखे मरने को मजबूर

कैच ब्यूरो | Updated on: 27 March 2020, 19:02 IST

Coronavirus: कोरोना वायरस के प्रकोप के चलते केंद्र सरकार ने पूरे देश में लॉकडाउन कर दिया है. सरकार ने कोरोना के संक्रमण से रोकने के लिए यह कदम उठाया है. वहीं लॉकडाउन का दुष्प्रभाव भी सामने आ रहा है. लॉकडाउन के चक्कर में अन्य बीमारियों के मरीज खाना न मिलने के चक्कर में भूखे मरने पर मजबूर हैं.

एक निजी चैनल की रिपोर्ट के अनुसार, साउथ वेस्ट दिल्ली के सफदरजंग डेवलपमेंट एरिया के पास स्थित एक धर्मशाला में 100 से ज्यादा टीवी, कैंसर और किडनी जैसी बीमारियों से जूझ रहे मरीज और उनकी देखभाल करने वाले लोग भूखे मरने को मजबूर हैं. हालांकि इसके बाद भी वह सरकार द्वारा उठाए लॉकडाउन के कदम का सपोर्ट कर रहे हैं.

गंभीर बीमारियों से जूझ रहे इन मरीजों ने कहा कि वे दिल्ली के लॉकडाउन का सम्मान करते हैं, लेकिन वह भूखे रह रहे हैं और उन्हें कोई भी सुविधा उपलब्ध नहीं है, इस कारण वह काफी परेशान हैं. मरीजों तथा उनके परिजनों ने कहा कि सभी लोग किसी न किसी तरह अपनी जिंदगी जी रहें हैं. अगर आस-पास का कोई कुछ दे देता है तो उसे खाकर वह खुद को जिंदा रख रहे हैं.

उन्होंने बताया कि लॉकडाउन के चलते वह पिछले 2 दिनों से भूखे हैं. इस दौरान न दिल्ली सरकार की तरफ से उन्हें कुछ सहायता मिल रही है और अब आस-पास के लोग भी उन्हें कुछ खाने को नहीं दे रहे हैं. जहां ये मरीज रह रहे हैं वह रतीलाल गामी सेवा सदन धर्मशाला है. यह साउथ ईस्ट दिल्ली के सफदरजंग डेवलपमेंट एरिया के पास है.

यह धर्मशाला गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों और उनके तीमारदारों को काफी सस्ते कीमत में रूम उपलब्ध कराता है, इस कारण यहां एम्स हॉस्पिटल और सफदरजंग में इलाज करा रहे मरीजों और तीमारदारों का तांता लगा रहता है. धर्मशाला में उत्तर प्रदेश, बिहार, असम, उड़ीसा और महाराष्ट्र जैसे राज्यों से 100 से ज्यादा मरीज रह रहे हैं.

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First published: 27 March 2020, 19:02 IST
 
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