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Coronavirus: नेपाल सरकार भारत से अपने नागरिकों को नहीं आने दे रही वापस, बड़ी संख्या में विरोध प्रदर्शन

कैच ब्यूरो | Updated on: 21 May 2020, 15:07 IST

Coronavirus: उत्तराखंड के बनबसा, चंपावत में बड़ी संख्या में नेपाली श्रमिकों ने नेपाल सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया. श्रमिकों का कहना है कि नेपाल सरकार उन्हें वापस आने की अनुमति नहीं दे रही है. ANI के अनुसार यहां के एसडीएम दयानंद सरस्वती ने कहा कि "लगभग 500 लोग नेपाली श्रमिक यहां एकत्र हुए हैं. हमने नेपाल को इस बारे में सूचित किया है. हम डीएम के निर्देशानुसार काम करेंगे".

इस मामले में उत्तराखंड के बीजेपी सांसद अजय भट्ट ने कहा कि नेपाल सरकार ने अभी तक अनुमति नहीं दी है. लोगों को पास दिए जा चुके हैं. मैंने एमओएस होम नित्यानंद राय से बात की है, उन्होंने कहा गृह मंत्री अमित शाह से भी बात करूंगा.

 

एक दिन पहले ही नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने नेपाल की संसद में कहा था कि भारत से नेपाल में कोरोना वायरस के मामले बढ़ रहे हैं. ओली ने कहा था कि भारत का वायरस चीन और इटली के लोगों की तुलना में अधिक घातक दिख रहा है. नेपाल के पीएम ने कहा लोग अवैध चैनलों के माध्यम से भारत से आ रहे हैं, वे देश में वायरस फैला रहे हैं और कुछ स्थानीय प्रतिनिधि और पार्टी नेता बिना उचित परीक्षण के भारत से लोगों को लाने के लिए जिम्मेदार हैं.


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ओली ने कहा "बाहर से लोगों के आने कारण कोविड-19 को रोकना बहुत मुश्किल हो गया है. भारतीय वायरस अब चीन और इटली से अधिक घातक लग रहा है." वर्तमान में अभी नेपाल ने कोरोना वायरस के 400 से ज्यादा मामले हैं और मरने वालों की संख्या 2 है. हालही भारत और नेपाल के बीच सीमा विवाद के बाद नेपाल का रुख भारत के प्रति साही नहीं रहा है .

भारत ने उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले में हाल ही में लिपुलेख-धाराचूला मार्ग का उद्घाटन किया था, जिस पर नेपाल ने आपत्ति जताई थी. काठमांडू ने कहा कि सड़क को उसकी सीमाओं के अंदर बनाई गई है.

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First published: 21 May 2020, 15:07 IST
 
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