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Coronavirus: वित्त मंत्री की तीसरी प्रेस कॉन्फ्रेंस, कृषि-मछलीपालन और खाद्य प्रसंस्करण पर फोकस

कैच ब्यूरो | Updated on: 15 May 2020, 17:08 IST

Coronavirus: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोरोना संकट से देश की अर्थव्यवस्था को सुधारने के लिए 20 लाख करोड़ रुपये के आर्थिक पैकेज का ऐलान किया था. इसे लेकर आज वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने तीसरी और आखिरी प्रेस कॉन्फ्रेंस की. इस दौरान उनके साथ वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर भी उपस्थित थे. 

 

वित्त मंत्री ने प्रेस कॉन्फ्रेंस शुरु करते हुए बताया कि भारत की आबादी का ज्‍यादातर हिस्‍सा कृषि पर निर्भर है. उन्होंने कहा कि भारतीय किसानों को इस बात का श्रेय दिया जा सकता है कि इन्होंने तमाम विपरीत परिस्थितियों के बावजूद भारत को खाद्यान्‍न क्षेत्र में संपन्‍न बनाया. कृषि किसान केंद्रित नहीं होगी तो बात अधूरी रह जाती है.

वित्त मंत्री ने बताया कि कृषि क्षेत्र के लिए 11 कदमों की घोषणा की गई. इसमें आठ कदम बुनियादी ढांचे को मज़बूत बनाने के लिए तथा तीन प्रशासनिक कदम हैं. उन्होंने बताया कि किसान क्रेडिट कार्ड के लिए दो लाख करोड़ रुपये मोदी सरकार की तरफ से दिए जा रहे हैं.

20 लाख करोड़ के आर्थिक पैकेज को लेकर वित्त मंत्री लगातार तीसरे दिन मीडिया से मुखातिब हुई. इस दौरान उन्होंने किसानों और ग्रामीण भारत के लिए दी गई राहतों के बारे में विस्‍तार से जानकारी दी. आज की घोषणाएं मुख्य रूप से कृषि तथा संबद्ध गतिविधियों पर केंद्रित रहीं. वित्त मंत्री ने बताया कि कोरोना संकट के दौरान 74300 करोड़ रुपये से ज्यादा के अनाज की खरीद न्यूनतम समर्थन मूल्य के तहत की गई है.

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इसके अलावा मोदी सरकार ने किसानों के खातों में पिछले दो माह में 18 हजार 700 करोड़ डाले हैं. वहीं दो माह में किसानों की मदद के लिए सरकार ने कई विशेष कदम उठाए. इसमें 74 हजार 300 करोड़ रुपये की फसल खरीद शामिल है. 

 

वित्त मंत्री ने बताया कि 70 लाख टन मछली उत्पादन बढ़ाने का लक्ष्य सरकार की तरफ से रखा गया है. इसके अलावा टमाटर, आलू और प्याज के लिए बनाया गया ऑपरेशन ग्रीन्स अब सभी तरह की फल-सब्ज़ियों पर लागू होगा. वित्त मंत्री ने इसे 'टॉप टु टोटल' योजना कहा. इसके लिए 500 करोड़ रुपये का प्रावधान सरकार की तरफ से किया गया.

उन्होंने बताया कि मधुमक्खी पालन को बढ़ावा देने के लिए सरकार की तरफ से 500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है. इसके अलावा पशुओं की वैक्‍सीन के लिए 13 हजार 343 करोड़ रुपये तथा पशुपालन इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए 15 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है. वहीं हर्बल कल्टीवेशन के लिए 4,000 करोड़ रुपये तथा हर्बल खेती 10 लाख हेक्टेयर में की जाएगी. इससे किसानों को 5,000 करोड़ रुपये की आय होगी.

वित्त मंत्री ने बताया कि आम, केसर, मखाना, हल्‍दी आदिक के लिए क्‍लस्टर का प्रावधान किया जाएगा. वहीं 53 लाख मवेशियों का बीमा किया जाएगा. मोदी सरकार ने पशुपालन बुनियादी ढांचा विकास फंड के लिए 15,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया. इसके अलावा राष्ट्रीय पशु रोग नियंत्रण कार्यक्रम के लिए 13,343 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया.

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First published: 15 May 2020, 17:08 IST
 
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