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Coronavirus: अगर ऐसा हुआ तो कोरोना को रोकना हो जाएगा बहुत मुश्किल, अमेरिका ने जाहिर की चिंता

कैच ब्यूरो | Updated on: 20 March 2020, 12:10 IST

चीन के वुहार से शुरु हुआ कोरोना वायरस (coronavirus) दुनियाभर के कई देशों में अपना खौफ फैला चुका है. चीन और इटली के कई देशों में शटडाउन यानी बंदी जैसे हालात हैं. भारत में भी इस वायरस की चपेट में आने वालों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है. इसी के चलते इससे निपटने के लिए लोगों को लगातार साफ-सफाई का ध्यान रखने के लिए कहा जा है.

ऐसे में कई सारी अलग अलग तरह की बातें की जा रही है. कोरोना के बढ़ते संक्रमण को लेकर दुनियाभर में रिसर्च और अध्ययन किए जा रहे हैं. यह तो मालूम हो ही चुका कि कोरोना वायरस किसी भी संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने से फैलता है. ऐसे में संक्रमित मरीज भी खुद को आइसोलेट करें, लोगों से बिल्कुल अलग रखें तो ऐसा कर के वायरस को फैलने से रोका जा सकता है.


वहीं दूसरी ओर अमेरिका के मैसाचुसेट्स में हुई कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों से संबंधित स्टडी ने लोगों ने चिंता बढ़ा ही है. मैसाचुसेट्स में कई ऐसे मामले सामने आए हैं, जिनमें कोरोना वायरस से पीड़ित होने के बावजूद मरीजों में इसके कई सारे लक्षण दिखाई नहीं देते. 82 ऐसे मामले अब तक सामने आए हैं. जिनमें किसी भी तरह का कोई लक्षण सामने नहीं आया.

कुछ स्टडी में ये भी दावा किया गया है कि बिना लक्षण वाले मरीज लोग ज्यादा संक्रमण फैला रहे हैं. ऐसा इसलिए क्योंकि जब मरीज में लक्षण ही नहीं दिखेगा तो सावधानियां बरतना भला कैसे संभव हो पाएगा. CDC यानि अमेरिता के सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन के मुताबिक कुछ रिपोर्ट्स में कोरोना वायरस के लक्षण दिखने से पहले ही फैलने लगता है. हालांकि उन रिपोर्ट्स में ये भी कहा गया है कि ये वायरस फैलने का मुख्य तरीका नहीं है.

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CDC के डायरेक्टर माइकल ओस्टहोम ने कहा है कि अब हम ये जान चुके हैं कि इस वायरस को फैलाने में बिना लक्षण के मरीजों की भी भूमिका है. ऐसिम्प्टमैटिक इंफेक्शन इस महामारी को और बढ़ा सकता है और इसे नियंत्रित करना बहुत मुश्किल हो सकता है. अगर दुनियाभर में ऐसे ज्यादा मामले सामने आते हैं तो इस पर रोक लगा पाना थोड़ा मुश्किल हो सकता है. हालांकि अमेरिका में ही कोरोना के टीके का पहला परीक्षण हो चुका है और विशेषज्ञों को उम्मीद है कि जल्द ही यह आम लोगों के प्रयोग के लिए तैयार हो जाएगा.

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First published: 20 March 2020, 12:10 IST
 
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