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Coronavirus: COVID-19 के फ्री टेस्ट करने को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से पूछे सवाल

कैच ब्यूरो | Updated on: 8 April 2020, 15:11 IST

सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को केंद्र से कहा कि वह कोविड-19 परीक्षणों के लिए निजी मेडिकल लैबों को उपलब्ध करवाने पर विचार करें ताकि इसे जनता के लिए नि: शुल्क उपलब्ध किया जा सके. सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि सरकार शीर्ष अदालत के सुझावों का अध्ययन करेगी. न्यायमूर्ति अशोक भूषण और एस रवींद्र भट की पीठ उस याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें निजी लैब्स और अस्पतालों में कोरोना वायरस टेस्ट करने के लिए 4500 रुपये तय करने की केंद्र की एडवाइजरी को चुनौती दी गई थी.

तुषार मेहता ने कहा कि 118 प्रयोगशालाओं द्वारा 15,000 परीक्षण किए जा रहे हैं, लेकिन यह पर्याप्त नहीं हैं, उन्होंने कहा "इसलिए निजी प्रयोगशालाओं से बात करनी पड़ रही है. कुछ राज्यों के सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों और कर्मचारियों के वेतन कटौती के बारे में रिपोर्ट से संबंधित एक अन्य मामले में मेहता ने कहा कि स्वास्थ्य कर्मचारियों की कोई वेतन कटौती नहीं होगी.


मेहता ने कहा "हम सभी राज्यों को पत्र लिखेंगे कि किसी भी सरकारी डॉक्टर या कर्मचारियों के वेतन में कोई कटौती नहीं की जानी चाहिए. मास्क और पीपीई खरीदने के लिए वेतन में कोई कटौती नहीं की जाएगी." नागपुर के एक डॉक्टर जेरीएल बनैत द्वारा दायर याचिका में मेट्रो शहरों के साथ-साथ टियर 2 और टियर 3 शहरों में डॉक्टरों के लिए हेड कवर, फेस शील्ड, मेडिकल मास्क, शावर कवर की उपलब्धता की मांग की गई है.

देश में अभी भी कोरोना वायरस के 4643 सक्रिय मामले हैं. इसी तरह 401 लोगों को ठीक किया गया है. देश में सबसे ज्यादा मामले मामले महाराष्ट्र में हैं, इसके बाद तमिलनाडु में 690 और दिल्ली में 576 मामले हैं. तेलंगाना में COVID-19 के 366 मामले और केरल में 336 मामले हैं. मामलों की बढ़ती संख्या देखकर सरकार लॉकडाउन आगे बढ़ा सकती हैं. कई राज्यों ने इसका अनुरोध किया है.  

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First published: 8 April 2020, 15:01 IST
 
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