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कोरोना संकट के बीच SC का आदेश- प्रवासी मज़दूरों के लिए ट्रेन में भोजन-पानी की व्यवस्था करे रेलवे

कैच ब्यूरो | Updated on: 28 May 2020, 17:38 IST

Coronavirus: कोरोना संकट के बीच ट्रेनों में प्रवासी मजदूरों का बदहाली को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को सुनवाई की. सुप्रीम कोर्ट ने लॉकडाउन के दौरान मजदूरों का बदहाली पर सुनवाई करते हुए कहा कि जिन प्रवासी मजदूरों को सड़कों पर चलते हुए पाया जाए तुरंत ही उन्हें शेल्टर होम में ले जाया जाए. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि मजदूरों के भोजन-पानी की व्यवस्था राज्य सरकारें उपलब्ध कराएं.

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि मजदूरों को सभी प्रकार की सुविधाएं दी जानी चाहिए. उनसे घर जाने की यात्रा का एक भी पैसा किराया के रूप में न वसूला जाए और सारा खर्च राज्य सरकारें वहन करें. मजदूर जहां रह रहा है और यात्रा जहां से शुरू हो रही है तथा जिस राज्य मजदूर को जाना है, वो राज्य आपस में तय करे कि मजदूरों के पैसे कौन देगा. इसके अलावा रास्ते में मजदूरों के खाने-पीने और रहने का सही ढंग से इंतज़ाम किया जाय.

राज्य सरकार सभी प्रवासी मजदूरों का रजिस्ट्रेशन करें और उसके मुताबिक ही  उनका ट्रेन में बैठना सुनिश्चित हो. इस मुद्दे पर अगली सुनवाई पांच जून को होगी. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हमें इस बात की चिंता है कि प्रवासी मजदूरों को घर वापस जाने के दौरान दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हमने नोटिस किया है कि रजिस्ट्रेशन की प्रकिया तथा मजदूरों के ट्रांसपोर्टेशन के साथ उनके खाने-पीने के इंतजाम में काफी खामी हैं.

सुप्रीम कोर्ट ने साफ-साफ कहा कि प्रवासी मजदूरों को घर भेजने की जिम्मेदारी राज्य सरकारों की है. सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश की कॉपी राज्य सरकारों के साथ-साथ केंद्र सरकार को भी दी गई है. इस आदेश का ब्यौरा सभी को शुक्रवार तक कोर्ट में दाखिल करना है. इसमें मजदूरों की संख्या तथा उनके ट्रांसपोर्टेशन का तरीका और दी जा रही सुविधाओं का ब्यौरा देना होगा.

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First published: 28 May 2020, 17:10 IST
 
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