Home » इंडिया » Coronavirus: Two metre social distance is not be enough amid COVID-19
 

कोरोना संकट के बीच डराने वाला खुलासा, 2 मीटर की दूरी भी सोशल डिस्टेंसिंग के लिए काफी नहीं

कैच ब्यूरो | Updated on: 21 May 2020, 15:20 IST

Coronavirus: भारत समेत पूरी दुनियाभर में कोरोना वायरस का प्रकोप कम होने का नाम नहीं ले रहा है. इस दौरान एक स्टडी में डराने वाला खुलासा हुआ है. स्टडी में खुलासा हुआ है कि कोरोना वायरस के संक्रमण से बचने के लिए खांसने या छींकने वाले व्यक्ति से दो मीटर की दूरी भी काफी नहीं है. स्टडी से पता चला है कि यदि 4 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चल रही है तो इसके माध्यम से भी कोरोना के कण छह मीटर तक पहुंच सकते हैं.

अमेरिकन इंस्टीट्यूट ऑफ फिजिक्स के तहत फिजिक्स ऑफ फ्लुइड्स जर्नल में यह स्टडी पब्लिश हुई है. इसके अनुसार, हवा की स्पीड जब जीरो होती है, तो मानव खांसी से लार की बूंदे 2 मीटर तक नहीं पहुंच सकती. लेकिन वही हवा की स्पीड यदि 4 किमी से 15 किमी प्रति घंटा के बीच है तो लार की बूंद हवा की दिशा में 6 मीटर तक जा सकती है.

इस स्टडी के अनुसार, 15 किमी प्रति घंटे की स्पीड वाली हवा चलने  पर लार की बूंद 1.6 सेकंड में 6 मीटर दूर पहुंच जाती है. स्टडी के को-ऑथर दिमित्रिस ड्रक्कैकिस ने ईमेल के जवाब में हिंदुस्तान टाइम्स से बताया है. उन्होंने कहा कि 4 किमी प्रति घंटे की मामूली स्पीड के दौरान भी लार के कण पांच सेकंड में 6 मीटर दूर जा सकते हैं.

इसलिए 2 मीटर की सामाजिक दूरी पर्याप्त नहीं है. वहीं भीड़ वाली जगह पर इसका काफी असर पड़ेगा. इस स्टडी में बताया गया है कि घर के अंदर वातावरण में लार की बूंदों का व्यवहार कुछ अलग होता है. जहां एयर कंडीशनिंग हवा में कण प्रभावित हो सकते हैं. विभिन्न पर्यावरणीय परिस्थितियों में हमें छोटी बूंद के वाष्पीकरण को गहराई से समझने की जरूरत है.

Coronavirus: पूरे विश्व में संक्रमितों की संख्या 50 लाख के पार, भारत में 3,317 लोगों की मौत

बेंगलुरु में दोपहर में सुनाई दी रहस्यमयी तेज आवाज, दहशत में आए लोग, वायुसेना से किया संपर्क

First published: 21 May 2020, 15:11 IST
 
पिछली कहानी
अगली कहानी