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18 करोड़ भारतीयों में था कोरोना वायरस, लेकिन अपने आप ठीक हो गई बीमारी- लैब का दावा

कैच ब्यूरो | Updated on: 23 July 2020, 11:12 IST

Coronavirus: भारत में कोरोना वायरस का प्रकोप बढ़ता ही जा रहा है. इस बीच एक प्राइवेट लैब ने दावा किया है कि देश में 18 करोड़ भारतीयों को कोरोना वायरस संक्रमित कर चुका है. इस प्राइवेट लैब का दावा है कि 300 शहरों से मिले 75 हजार सैंपल के आधार पर कहा जा सकता है कि 15 फीसदी भारतीयों के शरीर में एंटीबॉडी डेवलप हो चुकी है.

बता दें कि एंटीबॉडी उसी व्यक्ति के शरीर में बनती है जिसे पहले कोरोना वायरस हो चुका होता है. इस तरह देश की आबादी का 15 फीसदी मानें तो 18 करोड़ भारतीयों के शरीर में एंटीबॉडी बन चुकी है यानि इन 18 करोड़ भारतीयों को कोरोना वायरस अपनी चपेट में ले चुका है. लेकिन उनमें यह बीमारी अपने आप ही ठीक हो गई है. दिल्ली में सबसे ज्यादा लोगों के शरीर में एंटीबॉडी मिली है.

देश की बड़ी प्राइवेट लैब Thyrocare की रिपोर्ट में यह दावा किया गया है. दावे के अनुसार, देश के 15 फीसदी लोगों के शरीर में एंटीबॉडी डेवलप हो चुकी है. इसमें उस शहर के लोग सबसे ज्यादा हैं, जिन शहरों में सबसे ज्यादा कोरोना वायरस के केस सामने आए हैं. देश की राजधानी दिल्ली में 34% लोगों के शरीर में एंटीबॉडी मिली. वहीं मुंबई में 27% लोगों के शरीर में एंटीबॉडी डेवलप हो चुकी है.

इसके अलावा पटना में 18% लोगों के शरीर में, बेंगलुरु में 15%, हैदराबाद में 21%, चेन्नई में 30%, कोलकाता में 20%, अहमदाबाद में 18% लोगों के शरीर में एंटीबॉडी डेवलप मिली. लैब के एमडी डॉक्टर ए वेलुमणि का कहना है कि ये आंकड़ा 2-3 फीसदी आगे-पीछे भी हो सकता है, लेकिन हमारे पास जरूर एंटीबॉडी का ताकत मौजूद है.

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क्या है एंटीबॉडी?

डॉ. वेलुमणि का कहना है कि देश में कोरोना वायरस का संक्रमण छोटे शहरों में कम है, जबकि बड़े शहर इसकी चपेट में ज्यादा है. जिन शहरों में संक्रमण ज्यादा है वहां मौते भी ज्यादा हैं. इसके अलावा वहां एंटीबॉडी भी ज्यादा डेवलप हुई हैं. बता दें कि यदि किसी शख्स में कोरोना वायरस पहुंच जाता है तो उसके शरीर में वायरस से लड़ने के लिए एंटीबॉडी पैदा हो जाते हैं.

एंटीबॉडी यदि नजर आते हैं तो कोरोना वायरस रिपोर्ट पॉजिटिव आती है. इसका मतलब यह हुआ कि शख्स को भूतकाल में कोरोना वायरस हो चुका है. इस तरह यदि किसी व्यक्ति के शरीर में एंटीबॉडी मौजूद नहीं मिलती है तो रिपोर्ट नेगेटिव आती है, इसका मतलब यह है कि उसे कोरोना वायरस कभी नहीं हुआ है.

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First published: 23 July 2020, 11:01 IST
 
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