Home » इंडिया » Coronavirus: WHO says disinfectants does not kill COVID-19 virus in open areas
 

कोरोना वायरस: WHO का चौंकाने वाला खुलासा, खुले में कीटाणुनाशक छिड़कने से नहीं मरता कोरोना

कैच ब्यूरो | Updated on: 18 May 2020, 17:42 IST

Coronavirus: विश्व स्वास्थ्य संगठन यानि WHO ने एक चौंकाने वाला खुलासा करते हुए दावा किया है कि कीटाणुनाशक छिड़कने से कोरोना के वायरस का खात्मा नहीं होता है. WHO का यह दावा विचलित करने वाला है, क्योंकि पूरी दुनिया में कोरोना वायरस को मारने तथा इसके फैलने से रोकने के लिए कीटाणुनाशक का इस्तेमाल हो रहा है.

कीटाणुनाशक का इस्तेमाल दुनियाभर में कोरोना के संक्रमण से बचने के लिए साफ-सफाई रखने के लिए किया जा रहा है. सड़कों और गलियों को कीटाणुनाशक से ही सैनेटाइज किया जाता है. कोरोना का कोई मरीज किसी भी इलाके में पाया जाता है तो उन इलाकों को पूरी तरह से सैनेटाइज करने के लिए कीटाणुनाशक को उपयोग में लाया जाता है. हमें लगता है कि इससे कोरोना से निजात पाया जा सकता है.

माना जाता है कि यदि किसी इलाके में कीटाणुनाशक का छिड़काव किया गया है तो इससे कोरोना वायरस नष्ट हो जाते हैं. लेकिन विश्व स्वास्थ्य संगठन ने इस पर हाल ही में चौंकाने वाला खुलासा किया है. विश्व स्वास्थ्य संगठन ने चेतावनी दी है कि खुले में कीटाणुनाशक का छिड़काव करने से कोरोना वायरस खात्म नहीं होता, बल्कि ऐसा करने से आपके स्वास्थ्य पर उल्टा हानिकारक प्रभाव पड़ता है.

Cyclone Amphan: चक्रवाती तूफान अम्फान के डर से 11 लाख लोगों ने छोड़ा घर, 6 घंटे में आएगी तबाही

WHO का कहना है कि गलियों और बाजारों में कीटाणुनाशक स्प्रे करने का कोई फायदा नहीं है. उसने कहा कि यह जरूरी नहीं कि केमिकल स्प्रे करने से सभी सतह कवर हो जाएं. इसका असर उतने समय तक होता भी नहीं जितना समय वायरस को खत्म करने के लिए जरूरी है. WHO ने कहा कि खुले में कीटाणुनाशक का प्रयोग नहीं करना चाहिए. बल्कि इंडोर एरिया में भी कीटाणुनाशन का प्रयोग सीधे तौर पर नहीं करना चाहिए. इसे कपड़े या वाइपर की मदद से उपयोग में लाया जाना चाहिए.

WHO ने साफ-साफ यह भी कहा है कि इंसान के शरीर पर कीटाणुनाशक का बहुत बुरा असर पड़ता है. कीटाणुनाशक में क्लोरीन और अन्य जहरीले केमिकल इस्तेमाल होते हैं. इसका आंखों और त्वचा से संपर्क होने पर गंभीर बीमारियां पैदा हो सकती हैं. सांस लेने में दिक्कत और पेट से जुड़ी समस्याएं भी कीटाणुनाशक पैदा करती हैं.

विश्व स्वास्थ्य संगठन का कहना है कि खुले में गंदगी और धूल की वजह से कीटाणुनाशक निष्क्रिय भी हो जाते हैं. इस कारण वायरस पर इसका कोई भी असर नहीं होता. ऐसे में सड़कों तथा गलियों को स्प्रे के जरिए सैनेटाइस करने के बाद यह नहीं माना जा सकता कि इससे वहां पर कोरोना के वायरस नष्ट हो चुके हैं.

CBSE के दसवीं-बारहवीं के छात्रों का इंतजार खत्म, शेष परीक्षाओं की डेट शीट जारी

Lockdown 4.0: कर्नाटक सरकार ने दी दुकानें, ट्रेन, कैब और बसों की अनुमति

First published: 18 May 2020, 17:10 IST
 
पिछली कहानी
अगली कहानी