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भ्रष्टाचार : क्या GST लागू होने के बाद टैक्स अफसरों की रिश्वतखोरी बंद हो गई ?

कैच ब्यूरो | Updated on: 3 February 2018, 16:22 IST

जीएसटी लागू होने के बाद लगातार दावा किया जा रहा था कि इससे टैक्स अफसरों द्वारा की जाने वाली रिश्वतखोरी पर लगाम लगेगी लेकिन रिश्वत खोरी का सिलसिला लगातार जारी है. ताजा मामले में कानपुर जीएसटी और केंद्रीय उत्पाद आयुक्त संसार चंद सहित 9 लोगों को रिश्वत के मामले में सीबीआई ने गिरफ्तार किया है.

सीबीआई सूत्रों के अनुसार रिश्वत का पैसा इकट्ठा करने का काम तीन लोगों के हाथ में था और पैसे का लेनदेन हवाला जरिए होता था. जिसमें कमिश्नर की पत्नी भी शामिल बतायी जाती है. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक कारोबारियों से संसार चंद की पत्नी को महंगे टीवी, फ्रिज देने और रिश्वत का पैसा हवाला के जरिए देने के लिए कहा जाता था.

 

यह कोई पहला मामला नहीं 

जीएसटी लागू होने के बाद यह कोई पहला मामला नहीं जब जीएसटी से जुड़े लोग भ्रष्टाचार में पकडे गए हैं. इससे पहले सीबीआई की एंटी करप्शन शाखा ने सेंट्रल गुड्स एंड सर्विस टैक्स (सीजीएसटी) के इंस्पेक्टर को घूस लेते गिरफ्तार किया था. इंडिया बिल्डिंग में स्थित सीजीएसटी विभाग के इंस्पेक्टर दीपक कुमार ने एक व्यापारी से बांड जारी करने के बदले दस हजार रुपये की घूसा मांगी थी.

एक अन्य मामले में नवनिर्मित जीएसटी परिषद के एक अधीक्षक (सुपरिटेंडेंट) को सीबीआई ने अपने करीबी सहयोगियों के जरिये रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार किया था. आरोप था कि एक प्राइवेट टैक्‍स कंसल्‍टेंट मानस पात्रा ने सरकारी अफसरों से रिश्‍वत ली.

First published: 3 February 2018, 16:22 IST
 
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