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मोदी सरकार के राज्यमंत्री वाईएस चौधरी के खिलाफ गैरजमानती वारंट

कैच ब्यूरो | Updated on: 8 April 2016, 13:22 IST

केंद्र की मोदी सरकार में विज्ञान और तकनीक राज्‍य मंत्री वाईएस चौधरी के खिलाफ हैदराबाद की एक कोर्ट ने गैर जमानती वारंट जारी किया है.

तेलगुदेशम पार्टी के कोटे से मोदी सरकार में राज्य मंत्री बने वाईएस चौधरी के खिलाफ मॉरीशस के एक बैंक ने लोन नहीं चुकाने का आरोप लगाया है. इस मामले में बैंक का कहना है कि बार-बार कहने के बावजूद मंत्री चौधरी लोन नहीं चुका रहे हैं.

बैंक ने चौधरी से कोई सहयोग नहीं मिलने के कारण कोर्ट में शरण ली. इसके बाद अतिरिक्त मुख्य दंडाधिकारी ने लगातार तीसरी बार मंत्री जी के कोर्ट में नहीं पेश होने के बाद गैर जमानती वारंट जारी कर दिया है. इस मामले में अगली सुनवाई 26 अप्रैल को होगी.

तेलगुदेशम पार्टी के राज्यसभा से सांसद वाईएस चौधरी 9 नवंबर 2014 को मोदी सरकार में केंद्रीय विज्ञान और तकनीक राज्‍य मंत्री बने. मंत्री चौधरी उद्योगपति भी है. उन पर मॉरीशस के बैंक का 106 करोड़ रुपये का कर्ज बकाया है.

चौधरी ने यह लोन सुजना यूनिवर्सल इंडस्‍ट्रीज की सब्सिडियरी कंपनी हेस्टिया होल्डिंग्‍स लिमिटेड के लिए लिया था.

मॉरिशस बैंक के वकील संजीव कुमार ने इस मामले में बताया कि, ’हमने कोर्ट से कहा कि मंत्री जी बैंक से लगातार बहाने बना रहे हैं, उनकी मंशा कर्ज चुकाने की नहीं है और राज्य मंत्री माननीय कोर्ट के आदेशों की अवहेलना कर रहे हैं. इसलिए मंत्री जी के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया जाना चाहिए.’

गौरतलब है कि इससे पूर्व की सुनवाई में भी बैंक के वकील संजीव कुमार ने कोर्ट से मंत्री जी के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी करने की अपील की थी. लेकिन उस समय मंत्री जी की ओर से पेश हुए वकीलों ने कोर्ट से कहा था कि कहा था कि वे सांसद और मंत्री हैं. वह दिल्‍ली में आवश्‍यक काम में व्‍यस्‍त हैं. इसके वजह से मंत्री जी व्‍यक्तिगत रूप से कोर्ट के सामने पेश नहीं हो सकते.

इस बारे में चौधरी ने बताया कि वे कोर्ट के आदेश का पूरा सम्‍मान करते हैं. लेकिन जानबूझकर उन्‍होंने कोर्ट के आदेश की अनदेखी नहीं की.

First published: 8 April 2016, 13:22 IST
 
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