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इतिहास में पहली बार आया ऐसा फैसला, बयान से पलटने पर रेप पीड़िता से वापस लिया गया 2 लाख का मुआवजा

कैच ब्यूरो | Updated on: 20 November 2018, 11:01 IST

इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ है जब कोर्ट ने रेप पीड़िता को दिया गया मुआवजा लौटाने का आदेश दिया है. दरअसल ये फैसला महाराष्ट्र की एक विशेष अदालत ने दिया है. अदालत ने एक रेप पीड़िता को दिया गया दो लाख रुपये का मुआवजा वापस लेने का आदेश दिया है. ये फैसला इसलिए लिया गया क्योंकि रेप पीड़िता कोर्ट में अपने बयान पर कायम नहीं रही.

गौरतलब यही कि रेप के आरोप में पीड़िता ने अप्रैल 2015 में एक एफ़आईआर दर्ज करवाई थी. एफआईआर में पीड़िता का आरोप था कि आरोपी व्यक्ति ने शादी का झूठा वादा करके उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए थे. लेकिन बाद में जब उसके माता-पिता तैयार नहीं हुए तो वह शादी से पीछे हट गया. पीड़िता की उम्र उस वक़्त 17 साल की थी. कोर्ट में दिए बयान में उसने कहा, ''एफ़आईआर के बाद लड़के के माता-पिता मान गए. जनवरी 2017 में शादी भी हो गई. हमारा एक बच्चा भी है.'' साथ ही पीड़िता ने यह भी बयान दिया कि जिस समय ये घटना हुई उस वक़्त वो नाबालिग नहीं थी. साथ ही उसने अपने साथ हुए रेप की घटना को भी नकार दिया.

इसके बाद कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए कहा, ''पीड़िता ने मनोधैर्य योजना के तहत मुआवजा प्राप्त किया है, जो बलात्कार पीड़ितों के पुनर्वास के लिए है. लेकिन अब जब पीड़िता ने रेप की घटना से इनकार किया है तो इन परिस्थितियों में वह मुआवजे के लाभ के लिए हकदार नहीं है.''

सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला- अगर बदला बयान तो रेप पीड़िता के खिलाफ भी चलेगा मुकदमा

गौरतलब है कि ऐसे मामलों को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने रेप के एक 14 साल पुराने मामले में अहम फैसला सुनाया था. सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि अगर आरोपी को बचाने के लिए पीड़ित ने कोई समझौता किया या फिर अपने बयान को बदला तो पीड़िता के खिलाफ भी मुकदमा चल सकता है. सुप्रीम कोर्ट ने साफ़ किया कि अगर आरोपी के खिलाफ उसका अपराध साबित करने के लिए पर्याप्त सबूत हैं तो और रेप पीड़िता आरोपी को बचाने के लिए अपने बयान से पलट जाती है तो उसके खिलाफ भी मुकदमा चलाया जाएगा.

इस मामले में जस्टिस रंजन गोगोई, जस्टिस नवीन सिन्हा और जस्टिस केएम जोसेफ की बेंच ने कहा, ''अगर रेप के आरोपी को पीड़िता द्वारा मेडिकल रिपोर्ट के अलावा अन्य किसी भी आधार पर क्लीन चिट भी दे दी जाती है, तब भी उसके खिलाफ मुकदमा चलाया जा सकता है.'

First published: 19 November 2018, 10:12 IST
 
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