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मथुरा हिंसा: रामवृक्ष यादव को मृत मानने से कोर्ट ने किया इनकार

कैच ब्यूरो | Updated on: 10 February 2017, 1:49 IST

उत्तर प्रदेश के मथुरा में जवाहर बाग हिंसा के मुख्य आरोपी रामवृक्ष यादव की मौत के पुलिस के दावे को स्थानीय अदालत ने खारिज कर दिया है. अदालत ने रामवृक्ष यादव का डीएनए परीक्षण कराने और किसी निकटतम रिश्तेदार से उसका मिलान कराने का आदेश दिया है.

अदालत ने पुलिस की तरफ से पेश की गई पोस्टमार्टम रिपोर्ट और शिनाख्त कार्यवाही को नकार दिया. अदालत का कहना है रामवृक्ष की मृत्यु के बाद उसके शव की पहचान रामवृक्ष के परिवार वालों से नहीं कराई गई.

साथ ही रामवृक्ष के साथी ने भी सिर्फ फोटो देखकर उसकी पहचान की है.

जवाहरबाग को सिर्फ पुलिस नहीं एक बार बंधकों (पीड़ितों) की नज़र से भी देखें...

डीएनए टेस्ट का आदेश

कोर्ट ने ये भी आदेश किया कि रामवृक्ष के विसरा का डीएनए टेस्ट कराया जाए, जिससे  किसी भी तरह का कोई शक न रहे.

एसएसपी बबलू कुमार ने बताया कि रामवृक्ष की फोटो से जेल में बंद उसके साथी हरिनाथ सिंह ने शिनाख्त की थी. पुलिस का कहना है कि मृतकों का डीएनए सैंपल सुरक्षित रखवाया गया है.

दूसरी ओर शुक्रवार को आगरा के कमिश्नर प्रदीप भटनागर पर भी गाज गिर गई है. आगरा में भटनागर तीन साल से तैनात थे.

उनके कार्यकाल के दौरान में ही रामवृक्ष और उसके साथियों ने 270 एकड़ के जवाहर बाग पर कब्जा जमाया था. जवाहर बाग हिंसा की जांच करने वाले चंद्रकांत को नया कमिश्नर बनाया गया है.

First published: 17 June 2016, 4:31 IST
 
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