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84 के सिख दंगों में 34 साल बाद आया अदालत का फैसला, दो दोषी करार

कैच ब्यूरो | Updated on: 15 November 2018, 9:25 IST
(प्रतीकात्नक तस्वीर)

देश में 1984 में हुए दिख दंगों के मामले में 34 साल बाद पहली बार अदालत का फैसला आया है. 34 साल बाद अदालत ने इन दंगों से जुड़े एक मामले में दो लोगों को दोषी करार दिया है. कोर्ट ने दिल्ली के महिपालपुर गांव के दो लोगों को सिख युवकों की हत्या में दोषी करार किया है. गौरतलब है कि केंद्र सरकार के निर्देश पर साल 2015 में एक स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) के बनने के बाद से यह पहला ऐसा केस है, जिसमे तीन सालों के भीतर नतीजा सामने आया है.

इस मामले में एडिशनल सेशन जज अजय पांडे ने 130 पन्नों के अपने फैसले में दिल्ली के दो युवकों नरेश सेहरावत और यशपाल सिंह को सिख युवकों की हत्या का दोषी करार दिया. अदालत इन दोनों दोषियों को गुरुवार यानी आज सजा सुनाएगी. अदालत ने इन दोनों पर हत्या के साथ ही हमले के इरादे से घर में जबरन घुसने, हत्या की कोशिश, घातक हथियार से चोट पहुंचाने, डकैती, आग लगाने की शरारत जैसे अपराधों के लिए भी दोषी ठहराया.


34 साल पहले हुए सिख दंगे से जुड़े इस मामले में नतीजे तक पहुंचने के लिए अदालत ने एसआईटी और जांच अधिकारी की तारीफ की. जिन्होंने हर सुनवाई पर मौजूद रहकर केस की कार्यवाही बाधित नहीं होने दी.

इस मामले में अदालत ने कहा ,'' गवाहों के बयानों से साफ है कि मृतक हरदेव सिंह और अवतार सिंह की गैरकानूनी रूप से जमा भीड़ ने जानबूझकर हत्या की, जिसका आरोपी नरेश और यशपाल सक्रिय हिस्सा थे.उग्र भीड़ का इरादा सिख संप्रदाय के लोगों की हत्या का था, जो कि नेताओं द्वारा लगाए गए नारों और भीड़ के सदस्यों द्वारा अपने मकसद को अंजाम देने के तरीके से साफ हो रहा है.अभियोजन दोनों आरोपियों के खिलाफ हत्या का अपराध साबित करने में सफल रहा.''

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इसके आगे कोर्ट ने यह भी कहा, ''गैरकानूनी रूप से जमा भीड़ ने सुरजीत सिंह के घर से और संगत सिंह की दुकान से चीजें भी लूटीं, कुलदीप सिंह और हरदेव सिंह के घर को आग लगाई, उस समय आरोपी नरेश कुमार उस गैरकानूनी भीड़ में शामिल होकर अपने हाथ में मिट्टी के तेल का केन थामे हुआ था और उसने वह उस कथित घर पर उड़ेल दिया.और आरोपी यशपाल ने आग लगा दी.''

गौरतलब है कि 3 साल पहले गठित की गई एसआईटी की जांच के बाद ये अहम फैसला आया है. इसके लिए अदालत ने जांच अधिकारीयों के नियमित कार्य की तारीफ भी की.

First published: 15 November 2018, 8:43 IST
 
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