Home » इंडिया » CPM expelled another grassroot leader Jagmati Sangwan
 

माकपा ने 30 साल पुरानी कार्यकर्ता जगमति सांगवान को पार्टी से निकाला

कैच ब्यूरो | Updated on: 10 February 2017, 1:49 IST

मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के केंद्रीय समिति की सदस्य 56 वर्षीय जगमति सांगवान को पार्टी से निष्कासित कर दिया है. हरियाणा की रहने वाली और अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति (आइडवा) की महासचिव सांगवान पश्चिम बंगाल में कांग्रेस और माकपा के बीच हुई गठबंधन के विरोध में थीं और राज्य में कांग्रेस के साथ गठबंधन जारी रखने के फैसले को लेकर अपनी नाराजगी दर्ज कराई थी.

पिछले तीस साल से पार्टी से जुड़ी सांगवान को 'घोर अनुशासनहीनता' के आरोप में पार्टी से निकाला गया है. सोमवार को माकपा की सर्वोच्च इकाई केंद्रीय समिति के बैठक के तीसरे दिन बीच में ही सांगवान ने खुद पार्टी और सभी पदों को छोड़ने की घोषणा की थी.

अपने निष्कासन पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा, "मैंने बैठक में कहा कि पार्टी की राजनैतिक-रणनीतिक लाइन का उल्लंघन करते हुए गठबंधन करने का फैसला गलत था."

सांगवान ने कहा, "राजनैतिक-रणनीतिक लाइन और लोकतांत्रिक केंद्रीयतावाद किसी भी कम्युनिस्ट पार्टी की जीवन रेखा होती है और उसे किसी भी कीमत पर कायम रखा जाना चाहिए. जब बंगाल के साथियों ने उस लाइन का उल्लंघन किया, तो उनके खिलाफ कार्रवाई होनी ही चाहिये. उन्हें क्यों बचाया जा रहा है."

जगमति सांगवान महिला अधिकारों के लिये और खाप पंचायत के फतवों के खिलाफ लड़ती रही हैं. वह नेशनल वॉलीबॉल टीम की सदस्य रह चुकी हैं, जिसने एशियन वॉलीबॉल चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीता था.

पार्टी महासचिव सीताराम येचुरी ने पत्रकारों से कहा, "सांगवान को सिर्फ इसलिये नहीं निकाला गया क्योंकि उन्होंने बंगाल पर पार्टी के प्रस्ताव का विरोध किया, बल्कि इसलिये भी क्योंकि वह पार्टी की कार्यवाही के दौरान अचानक खड़ी हो गईं और अपने इस्तीफे का एलान करने लगीं. ये घोर अनुशासनहीनता है."

राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार वाम दल किसी भी सदस्य को पार्टी से निकालने से पहले सफाई पेश करने का मौका देते हैं, लेकिन जगमति सांगवान के मामले में ऐसा नहीं किया गया.

First published: 21 June 2016, 1:48 IST
 
पिछली कहानी
अगली कहानी