Home » इंडिया » Crores of contracts found in India by bribing millions of crores, The Central Vigilance Commission (CVC) has unearthed a corruption
 

खुलासा: रिश्वत देकर अमेरिकी कंपनी को भारत में मिले करोड़ों के ठेके

कैच ब्यूरो | Updated on: 30 January 2018, 10:53 IST

सेंट्रल विजिलेंस कमीशन (CVC) ने खुलासा किया है कि अमेरिकी फर्म ने नेशनल हाइवे अथॉरिटी से ठेके पाने के लिए करोड़ों की घूस दी. सीवीसी की रिपोर्ट में कहा गया है कि अमेरिकी इंफ्रास्ट्रक्चर कॉन्ट्रैक्टर CDM स्मिथ ने सर्विस टैक्स से बचने के लिए अधिकारियों को तकरीबन 7.5 करोड़ की रिश्वत दी.

इस मामले का खुलासा तब हुआ था जब अमेरिकी कंपनी ने अमेरिकी न्याय विभाग के पास कहा था कि उन्होंने भारत में ठेके पाने के लिए रिश्वत दी थी. इसके बाद भारत में भी इस मामले में खूब हल्ला मचा.जिसके बाद सीवीसी ने मामले की जांच के लिए एक एसआईटी का गठन किया.

 

इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार अब तक की जांच में खुलासा हुआ है कि एनएचएआई के अधिकारियों और अमेरिकी कंपनी की सांठगांठ से यह भ्रष्टाचार किया गया. 

सीवीसी की रिपोर्ट में

एसआईटी ने अमेरिकी कंपनी विल्बर स्मिथ एसोसिएट्स प्राइवेट लिमिटेड को 2011 से 2016 के दौरान मिले 33 कंसल्टेंसी कॉन्ट्रैक्ट्स  की जाँच की. इस मामले की जाँच के लिए सीबीआई से संपर्क किया था. हालांकि इस मामल में अभी तक सीबीआई फआईआर दर्ज नहीं की है. 

एसआईटी की जांच में पता चला कि फर्जी सब-कॉन्ट्रैक्टर्स को हर ठेके की 2-4% वैल्यू के बराबर पेमेंट किया गया. सब-कॉन्ट्रैक्टर्स का सिस्टम सरकारी अधिकारियों को रिश्वत देने के लिए बनाया गया, जबकि NHAI की इजाजत के बिना ऐसी सब-कॉन्ट्रैक्टिंग नहीं की जा सकती है और अमेरिकी कंपनी ने इसकी इजाजत भी कभी नहीं मांगी थी.  

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First published: 30 January 2018, 10:53 IST
 
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