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सीएसई स्टडी: ब्रेड प्रोडक्ट्स से हो सकता है कैंसर

कैच ब्यूरो | Updated on: 23 May 2016, 18:10 IST

ब्रैड से बने प्रॉडक्ट्स को पंसद करने वाले लोगों के लिए एक बुरी खबर है. पर्यावरण पर नजर रखने वाली संस्था सेंटर फॉर साइंस एंड इनवायरमेंट (सीएसई) की रिसर्च में एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है.

सेंटर फॉर साइंस एंड इनवायरनमेंट के मुताबिक ब्रेड और बेकरी प्रोडक्ट्स में एक विशेष केमिकल की वजह से कैंसर हो सकता है.

सीएसई के कराए गए 38 जानेमाने ब्रैंड के 84 फीसदी नमूनों में ब्रेड, बन्स, बर्गर, पिज्जा के टेस्ट में पौटेशियम ब्रोमेट और पौटेशियम आयोडेट जैसे खतरनाक रसायन पाए गए है.

इसमें पहला कैमिकल टूबी कार्सीनोज है जिससे कैंसर होने का खतरा है, दूसरा थाइराइड की समस्याओं को बढ़ाता है.

कई देशों में कैमिकल्स के इस्तेमाल पर प्रतिबंध

इंटरनेशनल एजेंसी फॉर रिसर्च ऑन कैंसर की मानें तो पोटाशियम ब्रोमेट एक ऐसा तत्व है जो लोगों में कैंसर का कारण तक बन सकता है. इस पोटाशियम आयोडेट पर तो कई देशों में प्रतिबंध लगाया जा चुका है.

पोटॉशियम ब्रोमेट आटे में न तो रंग होता है और न ही स्वाद। सबसे बड़ी बात यह कि इसकी गंध भी होती है. यह ऐसा जहरीला पदार्थ है जो स्वास्थ्य के लिए बेहद हानिकारक है.

पोटाशियम ब्रोमेट यूरोपियन देशों के साथ कनाडा, नाइजीरिया, ब्राजील, साउथ कोरिया, पेरू समेत कई देशों में प्रतिबंधित है.

सीएसई के मुताबिक भारत में ब्रेड बनाने वाली ज्यादातर कंपनियां इन केमिकल्स का इस्तेमाल करती हैं. जांच में पता चला है कि हार्वेस्ट गोल्ड ब्रैंड के सैंडविच ब्रेड और परफेक्ट ब्रांड के ब्रेड में पोटाशियम ब्रोमेट की मात्रा मिली है.

चौंकाने वाली बात है कि हार्वेस्ट गोल्ड ब्रैंड के ब्रेड पर तो ये लिखा भी नहीं होता कि इसमें पोटाशियम ब्रोमेट का इस्तेमाल हुआ है.

भारत में हो रहा है उल्लंघन

पोटाशियम ब्रोमेट से पेट दर्द, उल्टी, गुर्दे फेल होना जैसी बीमारियां हो सकती हैं. ब्रोमीन जैसे रसायन के साथ बना ब्रोमेट एसिड युक्त और फैटी होता है. इसके बाद भी फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने इसके इस्तेमाल की अनुमति दे रखी है.

दरअसल खाद्य सुरक्षा नियम के मुताबिक पोटाशियम ब्रोमेट और पोटाशियम आयोडेट के लिए एक मात्रा निर्धारित की गई है लेकिन भारत में कई बेकरी इसका उल्लंघन करती हैं.

सीएसई के उपमहानिदेशक चंद्र भूषण ने कहा, “84 प्रतिशत नमूनों में पोटैशियम ब्रोमेट या पोटैशियम आयोडेट पाया गया. कुछ नमूनों की जाँच बाहरी प्रयोगशालाओं में भी कराई गई जहाँ उनमें इन रसायनों की मौजूदगी पुष्टि हुई है.

First published: 23 May 2016, 18:10 IST
cse
 
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