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जेटली ने खड़े किए हाथ, कहा- सभी ATM ठीक होने में अभी लगेंगे 2 हफ्ते

कैच ब्यूरो | Updated on: 12 November 2016, 16:00 IST
(एएनआई)

वित्त मंत्री अरुण जेटली ने पांच सौ और एक हजार के पुराने नोट बंद होने के बाद ताजा हालात को लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस की. इस दौरान उन्होंने कहा कि जनता से सहयोग मिल रहा है, लेकिन एटीएम को लेकर आ रही परेशानी पर उन्होंने कोई ठोस आश्वासन नहीं दिया.

जब प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जेटली से लोगों को हो रही दिक्कत के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि देश भर में दो लाख से ज्यादा एटीएम हैं, लेकिन उनकी प्रोग्रामिंग पुराने नोटों के हिसाब से है, लिहाजा एक-एक एटीएम तक पहुंचने में मुश्किल हो रही है, और करीब दो हफ्ते में सारे एटीएम ठीक तरीके से काम करने लगेंगे.

SBI ने किया 2.28 करोड़ लेन-देन

इससे पहले वित्त मंत्री अरुण जेटली ने रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के अफसरों के साथ हालात पर आपात बैठक की. जेटली ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जानकारी दी कि 10 नवंबर से 12 नवंबर दोपहर सवा बारह बजे तक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने कुल दो करोड़ 28 लाख लेनदेन किए हैं.

जेटली ने बताया कि डेबिट, डिपॉजिट समेत पांच तरीके से एसबीआई के यह ट्रांजैक्शन हुए हैं. इस दौरान कुल 54370 करोड़ रुपये का लेन-देन हुआ है. 11 नवंबर सवा बारह बजे तक 47868 रुपये बैंकिंग व्यवस्था में आए हैं.

पौने दो लाख करोड़ बैंकिंग सिस्टम में

जेटली ने कहा कि इस लिहाज से कुल बैंकिंग व्यवस्था में तीन-चार गुना ज्यादा ट्रांजैक्शन हुआ है और अनुमान है कि डेढ़ लाख से पौने दो लाख करोड़ रुपये बैंकिंग व्यवस्था में आए हैं.

जेटली ने कहा, "अंदाजा लगा लीजिए कि जो इस योजना का उद्देश्य था कि कैश ट्रांजैक्शन बैंकिंग सिस्टम में आए, तो ये संख्या डेढ़ पौने दो लाख करोड़ जा रही है, जो बैंकिंग व्यवस्था का हिस्सा बन रही है."

दो लाख एटीएम सही होने में लगेगा वक्त

वहीं फैसले से पहले तैयारियों को लेकर पूछे गए सवाल पर जेटली ने कहा, "अगर हजारों लोग लगते हैं, फिर सीक्रेसी सीक्रेसी नहीं रह जाती, पैसा डालना और मशीनों की प्रोग्रामिंग को बदलने में वक्त लगता है.

जेटली ने कहा कि एटीएम म 100, 500 और 1000 के पुराने नोट की पहचान की तकनीक थी. नई टेक्नॉलोजी में वक्त लगता है. दो से तीन सप्ताह का. लगभग दो लाख मशीनें हैं. नए नोट का साइज अलग है इसलिए धीरे-धीरे यह प्रक्रिया चल रही है."

कांग्रेस-केजरीवाल पर हमला

वित्त मंत्री अरुण जेटली ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस और आम आदमी पार्टी पर हमला बोला. जेटली ने कहा कि कई पार्टियों की प्रतिक्रियाएं आई हैं, उनमें से कुछ तो पूरी तरीके से गैरजिम्मेदाराना बयान हैं.

जेटली ने कहा, "कांग्रेस पार्टी का कहना है कि यह हमारा पैसा है, तो क्यों दें. लेकिन क्या वे बताएंगे कि यह पैसा ईमानदारी से आया है कि नहीं."

वहीं केजरीवाल के जुलाई से सितंबर तक बैंक डिपॉजिट बढ़ने के आरोपों पर जेटली ने कहा, "रिजर्व बैंक के डेटा डिपॉजिट देखे हैं. पिछले एक साल में केवल एक महीने सितंबर 2016 में ज्यादा डिपॉजिट आया है. 31 अगस्त को पे कमीशन के एरियर रिलीज हुए थे इसलिए आया. गंभीरता से अध्ययन कर लिए होते तो पता चल जाता."

10 बड़ी बातें

1. 31 अगस्त से 15 सितंबर तक परिस्थिति का कुछ लोग गैरजिम्मेदाराना अफवाह फैलाकर नमक के बारे में

2. हमारी इस योजना का पुूरा उद्देश्य है क्लीन ट्रांजैक्शन क्लीन मनी.

3. जहां-जहां खुफिया जानकारी रहती है करेंसी के संदर्भ में तो ईडी उसकी जांच करता है. जिनके संबंध में खुफिया जानकारी थी उनसे स्टॉक डिटेल मांगा गया है.

4. कुछ साल का सर्वे किया गया है. सरकार यह कभी स्वीकार नहीं करेगी कि करेंसी या बुलियन में गैर कानूनी लेन-देन हो. निश्चित रूप से उस पर नजर रहेगी.

5. आश्वासन दिलाना चाहता हूं कि रिजर्व बैंक की जो रिपोर्ट आई है, उसके मुताबिक पर्याप्त कैश है. कुछ स्थानों पर कम या ज्यादा कोई विशेष करेंसी हो सकती है.

6. एटीएम को पूरी तरह सही होने में वक्त लग सकता है. करोड़ों की संख्या में बैंकिंग सिस्टम, पोस्ट ऑफिस सिस्टम ग्राहकों को पूरी मदद कर रहे हैं.

7. हर व्यक्ति का पैसा जो बैंकिंग सिस्टम में आ रहा है, वो बिल्कुल सुरक्षित है. बदली हुई करेंसी धीरे-धीरे मिलती रहेगी.

8. व्यवसाय में जो लोग हैं. उन्हें सलाह है कि इलेक्ट्रॉनिक मोड है, कार्ड है इसके जरिए अपने लेन-देन जितने भी करेंगे जीवन भी सरल रहेगा और इस नई अर्थव्यवस्था में गुंजाइश भी ज्यादा है.

9. जाली नोटों पर हमारी सरकार अपनी नजर बनाए हुए हैं. अपराध में लगा पैसा छनकर बाहर निकले.

10. पिछले एक साल में केवल एक महीने सितंबर 2016 में ज्यादा डिपॉजिट आया है. 31 अगस्त को पे कमीशन के एरियर रिलीज हुए थे इसलिए आया.

First published: 12 November 2016, 16:00 IST
 
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