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आर्थिक सर्जिकल स्ट्राइक: देश भर में आयकर छापों से हड़कंप, कारोबारी फरार

कैच ब्यूरो | Updated on: 11 February 2017, 5:45 IST
(कैच)

मोदी सरकार के पांच सौ और एक हजार के पुराने नोट बंद करने के बाद से छोटे और मंझोेले कारोबारियों में अफरा-तफरी देखी जा रही है. देश की राजधानी दिल्ली के अलावा आर्थिक राजधानी मुंबई में भी बड़े स्तर पर छापेमारी चल रही है.

गुरुवार को दिल्ली के चावड़ी बाजार में आयकर छापे के बाद चांदनी चौक बाजार को व्यापारियों ने बंद कर दिया. यहां पुराने नोट की कालाबाजारी की शिकायत मिली थी. इस बीच देशव्यापी आयकर छापों का सिलसिला शुक्रवार को भी जारी है.

दिल्ली के कालकाजी, कालकाजी एक्सटेंशन, गोविंदपुरी जैसे इलाकों में भी आयकर विभाग ने शुक्रवार को बड़े पैमाने पर छापे मारे हैं. इस दौरान इलाके की दुकानें बंद हैं. ज्यादातर कारोबारी फरार हो गए हैं. छापे के दौरान इलाके की सड़कों पर कुछ देर के लिए लोगों की आवाजाही रोक दी गई.

वाराणसी-आजमगढ़ में भी छापेमारी

कैच को जानकारी मिली है कि पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी के अलावा आजमगढ़ में भी आयकर छापे मारे गए हैं. सूत्रों के मुताबिक आजमगढ़ में आयकर विभाग को हवाला का काफी पैसा होने का शक है.

आयकर विभाग की इस कवायद को काले धन पर नकेल कसने की मुहिम के रूप में देखा जा रहा है. इस बीच आयकर विभाग ने अपनी तमाम यूनिट को संदिग्ध नकदी ले जाने के सिलसिले में निगरानी का अलर्ट जारी किया है. 

आर्थिक राजधानी मुंबई में गुरुवार को आयकर विभाग ने छापे मारे थे. क्रिकेटर रवींद्र जडेजा ने ट्वीट किया, " आयकर विभाग ने मुंबई और दिल्ली में कई जगहों पर छापे मारे हैं. काले धन के खिलाफ सर्जिकल स्ट्राइक की शुरुआत हो चुकी है. यह मोदी का 56 इंच का सीना है."

सोने की खरीद में लगाया काला धन

गुरुवार को दिल्ली के चांदनी चौक और आसपास के इलाकों में सर्राफा कारोबारियों ने शाम चार बजे ही दुकानें बंद कर दीं. यहां पुराने पांच सौ और एक हजार के नोटों के धड़ल्ले से इस्तेमाल की जानकारी मिली थी.

काले धन के सबूत मिटाने के लिए सोना खरीदने की जानकारी मिलने के बाद आयकर विभाग ने चांदनी चौक में छापे मारे. सूत्रों के मुताबिक काले धन से सोना खरीदने की हड़बड़ी का फायदा उठाकर कारोबारी 50 हजार रुपये तोला तक सोना बेच रहे थे.

लेन-देन में जो रसीद मिल रही है, वह पिछली तारीख की है. बंद हो चुके 500 और 1000 के नोटों को बदलने के काम में हवाला कारोबारी भी जुटे हैं. दक्षिण भारत के भी दो शहरों में आयकर विभाग जांच कर रहा है.

सीबीडीटी के चेयरमैन सुशील चंद्रा ने गुरुवार को देशभर की यूनिटों को बड़े लेन-देन और खरीदारी पर निगरानी के निर्देश दिए थे.

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दिल्ली में एम्स के पास दवा बाजार बंद

पांच सौ और एक हजार के पुराने नोट बंद होने के बाद से बाजार में अफरा-तफरी का आलम है. ग्राहक दुकानदार के पास नहीं पहुंच रहे हैं. वहीं दुकानदार भी पुराने नोट को लेने का जोखिम उठाने को तैयार नहीं हैं. यही वजह है कि मोदी सरकार के आदेश के बावजूद मेडिकल स्टोर में दुकानदार पुराने नोट नहीं ले रहे हैं.

ज़ाहिर है ऐसे में सबसे बड़ी मुश्किल मरीजों को हो रही है. आपको जानकर हैरानी होगी कि देश के सबसे बड़े अस्पताल दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान के पास ही यह अंधेरगर्दी देखने को मिल रही है.

दरअसल अस्पताल, मेडिकल स्टोर, सीएनजी-पेट्रोल पंप और रेलवे टिकट बुकिंग जैसी जरूरी सेवाओं के लिए निर्देश दिए गए थे कि यहां पुराने नोट 11 नवंबर रात 12 बजे तक मान्य रहेंगे. हालांकि सरकार के इस निर्देश का दुकानदारों पर असर नहीं देख रहा है.

दिल्ली में एम्स के पास दवा के बड़े बाजार यूसुफ सराय में हालत यह है कि ज्यादातर मेडिकल स्टोर के शटर गिरे हुए हैं. दुकान के बाहर लिखकर चस्पा किया हुआ है कि पांच सौ और एक हजार के पुराने नोट नहीं लिए जाएंगे.

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फेसबुक यूजर जयश्री शुक्ला ने अपने पोस्ट में लिखा है, "यूसुफ सराय में 90 फीसदी से ज्यादा दवा की दुकानों पर ताले लटके हुए हैं. थोड़ी-बहुत जो दुकानें खुली हैं, वहां पुराने नोट नहीं लिए जा रहे हैं. हम देश की राजधानी की बात कर रहे हैं. जरा अनुमान लगाइए देश के बाकी इलाकों में क्या हो रहा होगा!"

फेसबुक बोस्ट में उन्होंने आगे लिखा, "कृपया यह भी जान लीजिए कि यूसुफ सराय के केमिस्ट बड़े अस्पतालों में  जैसे एम्स और सफदरजंग में मरीजों को दवा मुहैया कराते हैं."

एम्स के पास स्थित इस दवा बाजार में दिल्ली के दूसरे इलाकों से लोग पहुंचते हैं, लेकिन जब यहां लोग पुराने नोट के साथ दवा लेने के लिए पहुंच रहे हैं, तो उन्हें नाउम्मीदी हाथ लग रही है.

First published: 11 November 2016, 5:08 IST
 
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