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CVC कर रही है इन 123 भ्रष्ट अफसरों पर कार्रवाई की तैयारी

कैच ब्यूरो | Updated on: 10 June 2019, 17:11 IST

केंद्रीय सतर्कता आयोग (सीवीसी) ने 123 सरकारी कर्मचारियों पर भ्रष्टाचार में उनकी कथित संलिप्तता के लिए उनके संगठनों से मंजूरी मांगी है. इन अफसरों में आईएएस सीबीआई, ईडी और आयकर विभाग जैसी केंद्रीय जांच एजेंसियों में काम करने वाले कर्मचारी शामिल हैं. इन आरोपियों में से सबसे अधिक 45 विभिन्न राज्य संचालित बैंकों के कर्मचारी हैं.

मानदंडों के अनुसार, अभियोजन के लिए मंजूरी चार महीने के भीतर तय की जानी है. प्रोबिटी वॉचडॉग के नवीनतम आंकड़ों के अनुसार इन अधिकारियों से जुड़े कुल 57 मामले विभिन्न सरकारी संगठनों से अभियोजन के लिए लंबित हैं. सबसे ज्यादा आठ मामले कार्मिक मंत्रालय के पास लंबित हैं, जो भ्रष्टाचार-रोधी मामलों के लिए नोडल विभाग के रूप में कार्य करता है, इसके बाद रेल मंत्रालय और उत्तर प्रदेश सरकार के पांच-पांच सदस्य हैं.

केंद्रीय जांच ब्यूरो के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, प्रवर्तन निदेशालय के सहायक निदेशक और एक आयकर अधिकारी सहित अलग-अलग मामलों में भी अभियोजन के लिए मंजूरी का इंतजार है. कुल 15 मामले, जिनमें 45 कर्मचारी शामिल हैं, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, केनरा बैंक, कॉर्पोरेशन बैंक, बैंक ऑफ महाराष्ट्र, पंजाब नेशनल बैंक, इलाहाबाद बैंक, सिंडिकेट बैंक और ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स के पास लंबित हैं. कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग, कॉरपोरेशन बैंक, भारतीय स्टेट बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा और सिंडिकेट बैंक के 16 अधिकारियों से जुड़े सात मामलों में आयोग उन विभागों / संगठनों से सहमत है, जिन पर अभियोजन के लिए मंजूरी आवश्यक नहीं है. CVC ने कहा, अंतिम कार्रवाई / निर्णय का इंतजार है.

भ्रष्ट कर्मचारियों से जुड़े दो मामले केंद्र शासित प्रदेशों, राजस्व विभाग, रक्षा मंत्रालय, खाद्य और आपूर्ति मंत्रालय और स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के पास लंबित हैं. इसमें कहा गया है कि भ्रष्ट कर्मचारियों में से एक को छत्तीसगढ़, जम्मू-कश्मीर, आंध्र प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, महाराष्ट्र और तमिलनाडु की राज्य सरकारों से अभियोजन के लिए मंजूरी का इंतजार है.

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First published: 10 June 2019, 17:06 IST
 
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