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दादरी बीफ विवाद: बिसाहड़ा में फिर तनाव, धार्मिक स्थल में बैठक

कैच ब्यूरो | Updated on: 7 June 2016, 11:51 IST
(पत्रिका)

ग्रेटर नोएडा के बहुचर्चित दादरी कांड में फॉरेंसिक लैब की रिपोर्ट आने के बाद इलाके में एक बार फिर तनाव का माहौल है. इस मामले में आरोपी पक्ष ने एक महापंचायत की बात कही थी, लेकिन प्रशासन ने इसकी मंजूरी नहीं दी.

हालांकि बिसाहड़ा गांव में सोमवार शाम बुलाई गई महापंचायत धारा-144 लागू होने के कारण आयोजित नहीं हो सकी, लेकिन गांव के एक मंदिर में बैठक हुई, जिसमें शिवसेना और बीजेपी के स्थानीय नेता मौजूद रहे. 

धारा 144 के बावजूद पंचायत को लेकर स्थानीय शि‍वसेना नेताओं ने कहा, "यह बैठक मंदिर में हुई है, जहां कानून लागू नहीं होता." आरोपियों का कहना है कि वह कोर्ट के जरिए भी मुकदमा दर्ज करवाने की कोशिश करेंगे. जबकि 20 दिन के बाद यह तय किया जाएगा कि महापंचायत कब और कहां होनी है.

इस दौरान आरोपियों के परिजन और गांव वाले लगातार ये मांग करते रहे कि अखलाक के परिवार के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाए, क्योंकि फॉरेंसिक रिपोर्ट से यह साफ हो गया कि अखलाक के घर से गोमांस पाया गया.

आरोपी विशाल राणा के पिता संजय राणा ने धमकी दी थी कि गांव में एक महापंचायत आयोजित की जाएगी, क्योंकि पुलिस अखलाक के परिवार के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने में विफल रही है.

वहीं गौतमबुद्ध नगर के जिलाधिकारी एनपी सिंह ने कहा है कि स्थिति नियंत्रण में है. उन्होंने स्थानीय लोगों से हिंसा नहीं करने की अपील की है.

डीएम ने कहा कि राजनीतिक नेताओं को मामले का राजनीतिकरण नहीं करना चाहिए, क्योंकि यह अदालत में विचाराधीन है. किसी को भी कानून एवं व्यवस्था को बिगाड़ने की इजाजत नहीं दी जाएगी.

पिछले साल सितंबर में दादरी के बिसाहड़ा गांव में गोमांस रखने के संदेह में उग्र भीड़ ने मोहम्मद अखलाक़ के घर हमला कर दिया था. जिसमें अखलाक की मौत हो गई थी, जबकि उनका छोटा बेटा गंभीर रूप से घायल हो गया था.

First published: 7 June 2016, 11:51 IST
 
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