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मोदी सरकार में बढ़े दलितों पर अत्याचार, गृह राज्यमंत्री ने लोकसभा में पेश किए आंकड़े

कैच ब्यूरो | Updated on: 10 April 2018, 14:15 IST
(प्रतीकात्मक चित्र)

पिछले काफी दिनों से देश में दलित समुदाय अपने ऊपर अत्याचार का आरोप लगाता रहा है. इसे लेकर देश के अलग-अलग हिस्सों में अत्याचार की भी खबरें सामने आई हैं. वहीं अब सरकार ने भी माना है कि दलितों पर अत्याचार बढ़ रहे हैं. यह बात मोदी सरकार के गृह राज्यमंत्री हंसराज अहीर ने लोकसभा में दिए अपने लिखित जवाब में कही है.

हंसराज अहीर ने 6 फरवरी को एक प्रश्न के जवाब में बताया है कि यूपी में साल 2015 में दलितों से अपराध के 8357 मामले दर्ज किए गए हैं. जबकि साल 2016 में इन मामलों में +24.75% की बढ़ोत्तरी दर्ज की गई है, यानि 10426 मामले दर्ज किए गए हैं.

 

इस मामले में एससी-एसटी आयोग के पूर्व अध्यक्ष का दावा है कि उनके कार्यकाल में दलितों के खिलाफ अपराध सही तरीके से रिकॉर्ड किया जाने लगा है, जबकि पिछली सरकार में दलितों के खिलाफ अपराध सही तरीके से रिकॉर्ड नहीं किया जा रहा था. आपको बता दें कि साल 2016 में दलित समुदाय के खिलाफ देश भर में अपराध के 40,801 मामले दर्ज किए गए हैं.

हालांकि गृह मंत्रालय की ओर से लोकसभा में जारी किए गए आंकड़े बताते हैं कि साल 2015 से साल 2016 के बीच तीन बड़े राज्यों बिहार, राजस्थान और महाराष्ट्र में दलित अपराध के मामलों में गिरावट दर्ज की गई है.

आंकड़ों के मुताबिक साल 2015 में बिहार में दलित अपराध के 6367, राजस्थान में 5911 और महाराष्ट्र में 1804 मामले दर्ज किए गए हैं. वहीं साल 2016 में बिहार में 5701(-10.46%), राजस्थान में 5134(-13.44%) और महाराष्ट्र में 1750(- 2.99%) मामले दर्ज किए गए हैं.

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गौरतलब है कि बीजेपी के दलित सांसद भी इस मुद्दे पर सरकार से नाराजगी जता रहे हैं. जिनमें उदित राज, सावित्री बाई फूले, अशोक कुमार दोहरे, छोटे लाल और यशवंत सिंह शामिल हैं. भाजपा के इन पांच सांसदों ने बीते दिनों दलितों को लेकर अपनी ही सरकार के रवैये पर सवाल खड़े किए.

First published: 10 April 2018, 14:12 IST
 
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