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माया की रैली में दलित-मुसलमान लामबंद, भगदड़ में दो की मौत

अनिल के अंकुर | Updated on: 10 October 2016, 7:28 IST

कांशीराम की दसवीं पुण्य तिथि पर लखनऊ में आयोजित रैली में बसपा सुप्रीमो मायावती ने उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों के मद्देनजर अपनी रणनीति साफ कर दी. आक्रामकता के रथ पर सवार मायावती ने दलित-मुस्लिम सोशल इंजीनियरिंग को अपने रथ के दो पहिया बनाया.

भाजपा, सपा और कांग्रेस तीनों पर उन्होंने निशाना साधा. मुसलमानों की जिस तरह उन्होंने पैरवी की उससे साफ जाहिर हो गया कि मिशन 2017 में माया की सफलता की सीढ़ी दलित मुस्लिम और ब्राह्मण होंगे. उन्होंने मुसलमानों पर हो रहे अत्याचारों और उत्पीड़न की घटनाओं को भरे मंच से जमकर उछाला. मायावती बोलीं- 'नरेन्द्र मोदी की सरकार के इशारे पर मुसलमान और दलित उत्पीड़न का शिकार हो रहे हैं. उन्हें बसपा की सरकार ही न्याय दिला पाएगी.' मायावती के इस विश्वास भरे हमले से विपक्षी दलों में निश्चित रूप से चिंता फैली है.

डाक्टर भीमराव अम्बेडकर स्मारक में हुए इस कार्यक्रम में मायावती करीब डेढ़ घंटा बोलीं. एक-एक कर उन्होंने दलितों पर हो रहे अत्याचारों को गिनाया. भाजपा नेताओं द्वारा दलित नेताओं और बसपा नेताओं पर की गई अश्लील टिप्पणियों का भी उल्लेख उन्होंने किया. देश भर की घटनाएं उन्होंने बारी बारी से गिनाईं.

मायावती जैसे जैसे दलितों पर हो रहे अत्याचारों को गिना रही थीं, वहां मौजूद हुजूम का जोश बढ़ता जा रहा था. मायावती जिंदाबाद के नारे पूरे मैदान में लगातार गूंजते रहे. इसी के साथ मुसलमानों पर हो रहे अत्चारों का भी उल्लेख मायावती ने किया. यह मुसलमानों की हितैषी समाजवादी पार्टी की वो कमजोर नस है जिस पर धीरे से मायावती ने उंगली रख दी है.

मायावती की सहारनपुर की रैली में भी मुस्लिम समुदाय जिस बड़ी संख्या में उमड़ कर पहुंचा था वह इशारा है कि इस बार उत्तर प्रदेश में एक नई जातीय गणित आकार ले रही है. लखनऊ की रैली भी इससे इतर नहीं रही. मुस्लिम समाज के लोग बड़ी संख्या में पहुंचे.

मोदी और उनकी नीतियों को हवाई सपना बताया

चारों ओर नीले झंडे से पटे इस स्मारक स्थल पर खास बात यह दिखी कि मायावती ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के उन वादों को याद दिलाया जो उन्होंने 2014 के दौरान जनता से किए थे. विदेशों से काला धन लाने और गरीबों के खातों में डालने के वादे को याद दिलाकर माया ने जनता के दिल को छूने की कोशिश की.

मायावती ने कहा कि अगर विदेशों से कालाधन ले आए होते तो हर गरीब के खाते में कम से कम 18 लाख रूपया तो आ ही गया होता. बसपा सुप्रीमो ने युवाओं को रोजगार दिलाने का वादा करने वाले मोदी पर यह भी आरोप लगाया कि उन्होंने देश के युवाओं को झूठे वादे करके ठगा है. इससे युवाओं को ठेस पहुंची है. वे कभी माफ नहीं करेंगे.

सपा पर साधा निशाना

डेढ घंटे लम्बे भाषण में मायावती जो बोलीं, उससे लोग मोहित होते चले गए. पहले भाजपा पर निशाना फिर सपा पर. मायावती ने प्रदेश में लूटपाट और भ्रष्टाचार की तमाम घटनाओं को याद दिलाकर लोगों के दिल को छू लिया कि वाकई मौजूदा समय में आम जनता कितनी भयभीत है.

यूपी में अपराध की घटनाओं और भ्रष्ट नेताओं की जमात को याद दिलाते हुए मायावती ने अपने कार्यकाल की याद दिलाई. यह सुनते ही भीड़ उनके समर्थन में नारे लगाने लगती. माया ने जब ये एलान किया कि अगली सरकार बसपा के अकेले बलबूते से बनेगी, किसी भी दल से कतई समझौता नहीं किया जाएगा, जन सैलाब गगनभेदी नारों से गूंज उठा. कुल मिलाकर यह साफ है कि मायावती ने इतवार को रैली करके जो गर्जना की है उस गर्जन से विपक्षी हतप्रभ हैं.

यूपी में गुंडा राज, मोदी का जुमला राज

मायावती ने अपने पूरे भाषण में एकाधिक बार केंद्र सरकार की मोदी सरकार और प्रदेश की अखिलेश सरकार पर निशाना साधा. उन्होंने जनता को यह कहकर उकसाया कि पीएम मोदी ने जनता से अच्छे दिन लाने का वादा किया था.

बिजली-पानी 24 घंटे देने का वादा किया था लेकिन ऐसा नहीं हुआ. प्रदेश सरकार ने कहा था कि गरीबों को पक्के मकान मिलेंगे, रोजगार दिया जाएगा लेकिन ऐसी नहीं हुआ. कुछ मिलाकर केंद्र और प्रदेश सरकार यूपी वालों को बेवकूफ बना रही हैं.

मायावती के भाषण के मुख्य बिंदु

भारी भीड़ की उपस्थिती में मायावती ने लगभग डेढ़ घंटे तक भाषण दिया. हालांकि सफल रैली की खुशी उस समय मातम में तबदील हो गई जब मैदान के एक हिस्से में भगदड़ मचने के कारण दो लोगों की मौत हो गई. मायावती समेत तमाम नेताओं ने इस घटना पर अफसोस व्यक्त किया है और मृतकों को अपनी श्रद्धांजलि दी है. मायावती के भाषण के कुछ मुख्य बिंदु:

  • मोदी जी ने कहा था कि काला धन लेकर आएंगे. उसका क्या हुआ. गरीबों के खाते में नहीं आया पैसा.
  • काले धन को सफेद करने में जुटी है केंद्र सरकार.
  • केंद्र सरकार ने कई उद्योगपतियों का कर्ज माफ किया लेकिन किसानों के लिए कुछ नहीं किया.
  • मोदी सरकार सीबीआई को अपने विरोधियों के खिलाफ इस्तेमाल कर रही है.
  • मोदी जी आए दिन विदेश जाते हैं लेकिन भारत की क्या स्थिती है इसे वह नहीं बता सकते.
  • गोरक्षा, लव जिहाद, धर्म परिवर्तन के नाम पर उत्पीड़न हो रहा है.
  • अल्पसंख्यकों के साथ नाइंसाफी हो रही है.
  • केंद्र सरकार आरक्षण खत्म करना चाहती है इसीलिए प्राइवेट सेक्टर को ज्यादा बढ़ावा दिया जा रहा है.
  • बैंक से कर्ज लेने वाले को इतना प्रताड़ित किया जाता है की वो जान देने पर मज़बूर है.
  • कांग्रेस सरकार ने भी द्वेषपूर्ण तरीके से बसपा की सरकार पर भ्रष्टाचार का आरोप मढ़ रही थी.
  • प्रधानमंत्री विदेश घूमने का रिकॉर्ड बनाने में लगे है ढाई साल में अब सीमा सुरक्षित करने की याद आई है.
  • भाजपा में मुस्लिम समाज को लेकर द्वेष की भावना है. जामिया और अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी पर खतरा मंडरा रहा है.
  • भाजपा हिन्दू राष्ट्र बनाये जाने को लेकर आवाज़ तेज़ कर रही है. गोरक्षा की आड़ में मुस्लिमों और दलितों का उत्पीड़न हो रहा है.
  • आतंकवाद के नाम पर मुस्लिम समाज को शक की नज़र से देखा जा रहा है जो की ठीक नहीं है.
  • कांग्रेस ने ब्राहम्ण चेहरे को सीएम उम्मीदवार उतारा है. कांग्रेस भी दलित विरोधी बनती जा रही है

First published: 10 October 2016, 7:28 IST
 
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